अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
घर-घर जाकर नगर निगम की मतदाता सूची बनाने के लिए नियुक्त बूथ लेबल अधिकारी (बीएलओ) ने अपने ही घर पर बैठकर आधी-अधूरी सूची बनाई है। वार्डों में बड़ी संख्या में लोगों को छोड़ दिया गया है।
धार्मिक आध्यात्मिक संस्था शांतिकुंज से जुड़े कार्यकर्ता सुशील अग्रवाल की मानें तो शांतिकुंज के करीब 800 मतदाताओं के नाम सूची मेें नहीं हैं। 30- 35 साल से शांतिकुंज में रहने वाले लोगों के नाम दर्ज नहीं किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिंट की गई सूची को नहीं दिखाया जा रहा है, जबकि भाजपा से चुनाव लड़ने की दावेदारी कर रहे कार्यकर्ता के पास दोनों सूचियां हैं। मतदाता सूची में अपने नाम तलाशने नगर निगम के सभागार में पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है। वहां वार्डवार नाम दर्ज कराने वाले बीएलओ और सुपरवाइजर नहीं बैठाए गए। नगर निगम के जिन कर्मचारियों की लोगों की मदद के नाम पर बैठाया गया है उन्हें खुद कुछ पता नहीं हैं। गायत्री विहार कालोनी निवासी डा. ज्ञान प्रकाश सिंह भी घंटों अपना तथा अन्य लोगों का नाम तलाशने के बाद निराश होकर लौटे हैं। मतदाता सूची में अपना नाम देखने आए अधिकतर लोगों का आरोप है कि बीएलओ ने भाजपा नेताओं के इशारे पर वोटर लिस्ट बनाई है। यही वजह है कि विरोधी समझे जाने वाले लोगों के नाम दर्ज नहीं होने दिए हैं।
वार्डों में बड़ी संख्या में छोड़ दिए लोगों के नाम
हरिद्वार। बीएलओ ने लगभग सभी वार्डों में बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं किए हैं। गंगा विहार कालोनी भूपतवाला निवासी प्रेमा देवी ने बताया कि उनके घर पर बीएलओ आया ही नहीं है। पीठ बाजार ज्वालापुर वार्ड नंबर 40 निवासी सुहेल अख्तर भी मतदाता सूची में अपने क्षेत्र के लोगों के नाम ढूंढने के लिए जूझते रहे। उन्होंने बताया कि फरजाना, मुस्तकीम व दिलनवाज सहित बड़ी संख्या में लोगों के नाम दर्ज नहीं किए गए हैं। नए वार्ड 44 त्रिमूर्ति नगर के फखर मियां, तारीख, वाजिद अली आदि भी वोटरलिस्ट में अपना नाम तलाशने आए थे, परंतु किसी ने उनकी मदद नहीं की है। उनकी शिकायत है कि उनके घर पर कभी कोई बीएलओ नहीं आया है। वार्ड नंबर सात हरकी पैड़ी क्षेत्र में शिव निवास के सभी लोगों के नाम दर्ज नहीं हैं। शिव निवास निवासी मुनिराज शर्मा, अरविंद शर्मा , अरुण शर्मा, अनिल शर्मा, कांग्रेस नेता कुमुद शर्मा, प्रसंग शर्मा, सीमा शर्मा व अनुराधा आदि का नाम वोटरलिस्ट से गायब है।