हाल ही में हरिद्वार में हुई धर्म संसद के दौरान साईं मंदिरों के खिलाफ आंदोलन का मुद्दा उठाया था। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के हरिद्वार आने पर एक बार फिर यह मुद्दा शंकराचार्य कैंप से उठाया जाएगा।
भूमापीठाधीश्चर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ द्वारा विगत दिनों आयोजित धर्म संसद में निर्णय लिया था कि साईं मंदिरों के खिलाफ आंदोलन देश भर में शुरू किया जाएगा। इस संबंध में एक प्रस्ताव भी पारित हुआ है। इसकी प्रतियां केंद्र सरकार सहित सभी राज्यों की सरकारों को भेजी गई हैं।
स्वामी अच्युतानंद ने बताया कि शीघ्र संतों का एक प्रतिनिधि मंडल साईं मंदिरों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रधानमंत्री से भेंट करेगा। धर्म संसद में स्वामी स्वरूपानंद द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी साईं विरोधी अभियान को पूर्ण समर्थन प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि साईं के मंदिर नहीं बनाए जा सकते। मंदिर केवल देवी-देवताओं के बनते हैं। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती अर्द्धकुंभ में कैंप करने एवं वासंती नवरात्र बिताने के लिए काशी से देशाटन करते हुए सात अप्रैल को हरिद्वार पहुंच रहे हैं। शंकराचार्य कैंप में साईं मंदिरों के लिए एक और विरोध की भूमिका तैयार की जा रही है।