राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने मई माह में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को सुगम बनाने और समय से पूर्व ही जरूरी तैयारी करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने यात्रा से संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। यात्रा को दुर्घटना मुक्त बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने गुरुवार को यात्रा रूट से जुड़े सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और पीडब्लूडी को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए हैं। सभी को निर्देशित किया हैं कि यात्रा रूट का स्थलीय निरीक्षण करें और खतरे वाले जोन चिन्हित कर अग्रिम कार्रवाई करें।
ऐसे स्थानों पर यातायात सतर्कता संबंधी आवश्यक संकेत लगाए जाएं। सड़कों के किनारे जहां भी आवश्यक हो, बैरियर्स और पैराफि ट्स बनाने, मोड़ों पर सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ ओवरलोडिंग आदि रोकने के लिए सघन चेकिंग व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।
राज्यपाल ने यह भी कहा है कि चारधाम यात्रा मार्ग के स्थलीय निरीक्षण और कारणों के परीक्षण करने के बाद बरती गई सावधानियों की रिपोर्ट 10 अप्रैल तक प्रस्तुत की जाए।
‘स्वच्छ भारत अभियान’ को अधिक मुस्तैदी से संचालित करने के आदेश
राज्यपाल ने बृहस्पतिवार सचिवालय में अपने कार्यालय कक्ष में देहरादून के मेयर विनोद चमोली सहित दो दर्जन से अधिक लोगों से भेंट की। राज्यपाल ने जन- समस्याओं को सुना और निस्तारण के लिए समुचित कार्रवाई के आदेश अधिकारियों को दिए।
मेयर से हुई भेंट वार्ता के दौरान राज्यपाल ने उनका ध्यान शहर की स्वच्छता की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को अधिक मुस्तैदी से संचालित करने की आवश्यकता है।
मेयर द्वारा शहर की स्वच्छता में आ रही समस्याएं बताए जाने पर राज्यपाल ने कहा कि देहरादून की छवि स्वच्छ व सुंदर शहर के रूप में स्थापित करने के लिए समस्याओं का परीक्षण कर समाधान निकाला जाना होगा।