उत्तराखंड प्रदेश के छह नेशनल पार्क और सात सेंचुरी के आसपास के क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने के संबंध में वन विभाग और शासन लापरवाह बना हुआ है।
यही वजह है कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने वन विभाग से जवाब तलब किया है। स्थिति यह है कि नौ महीने में विभाग दो सेंचुरी और दो नेशनल पार्क का ही प्रस्ताव बना सका है, इन्हें भी केंद्र को नहीं भेजा गया है।
जोन घोषित करने के लिए 10 फरवरी तक का समय
केंद्र ने प्रदेश के सभी पार्क और सेंचुरी के आसपास के क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने के लिए 10 फरवरी तक का समय दिया था।
जनवरी से अब तक यह काम पूरा नहीं किया जा सका है। यह तब है जबकि, केंद्र की ओर से प्रस्ताव तैयार करने की छूट दी गई है। शून्य से लेकर दो किलोमीटर की परिधि के बीच के क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित किए जाने की रियायत है।
इनकी भी सुनिए
केंद्र को जल्द जवाब भेजा जाएगा। दो नेशनल पार्क और दो सेंचुरी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। वहां से चर्चा के बाद ही प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। अन्य चार नेशनल पार्क और पांच सेंचुरी के प्रस्ताव भी जल्द ही शासन को भेजेंगे।
- एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव