साढ़े तीन महीने पहले एक युवती के साथ हरिद्वार में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। पीड़िता झारखंड की थी।
नौकरी का झांसा देकर उड़ीसा के एक व्यक्ति ने उसे दिल्ली के एक व्यक्ति को बेच दिया था। आरोपी दबोचने रानीपुर पुलिस उड़ीसा भी गई थी। लेकिन, पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। दिल्ली निवासी आरोपी तक भी पुलिस पहुंच नहीं पाई है।
सामूहिक बलात्कार करते रहे
रानीपुर कोतवाली पुलिस ने बताया कि 15 मई 2013 को भगत सिंह चौक स्थित झुग्गी बस्ती में 23 वर्षीय युवती के साथ पांच दिन तक कुछ युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया था।
युवती को लक्ष्मी नगर दिल्ली निवासी गीता मौसी ने खड़खड़ी निवासी सेक्स रैकेट चलाने वाली सुनीता को 50 हजार में जिस्मफरोशी के लिए हरिद्वार भेजा था।
काम के नाम पर बेचा
पुलिस ने गीता मौसी, सुनीता और बलात्कार करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि युवती को झारखंड से काम दिलाने के नाम पर उड़ीसा निवासी परमेश्वर ने दिल्ली निवासी राजेंद्र को बेच दिया था।
राजेंद्र ने भी युवती को जिस्मफरोशी के लिए आगे बेच दिया। पुलिस तभी से दिल्ली के राजेंद्र और उड़ीसा के परमेश्वर की तलाश में है।
नहीं लगा सुराग
जांच अधिकारी ओमकांत भूषण ने बताया कि टीम परमेश्वर की गिरफ्तारी के लिए उड़ीसा भी गई थी। लेकिन, आरोपी का सुराग नहीं लगा। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी कलकत्ता, (पश्चिमी बंगाल) रवाना हो गया था।
क्या कहतें हैं अधिकारी
मानव तस्करी के आरोपियों की तलाश में टीम भेजी गई थी। फिलहाल पुलिस के हत्थे कोई नहीं चढ़ पाया है। पुलिस आरोपियों को दबोचने का लगातार प्रयास कर रही है।
- राजेश भट्ट, सीओ सदर, हरिद्वार।