पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत बागी विधायक तो भाजपा में शामिल हो गए हैं, लेकिन इनके समर्थकों के सामने यह समस्या पैदा हो गई है कि वे कहां जाएं? इन समर्थकों की अपने नेता के कारण ही पार्टी में हनक और पहचान रही है। भाजपा इन सारे समर्थकों को शामिल करने में अभी हिचक रही है और कांग्रेस में इन्हें शक की नजर से देखा जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों को आदेश कर दिए हैं कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा का पूरा गुट अभी कांग्रेस में ही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बहुगुणा ने अपने समर्थकों को बड़े पद दिलवाए थे। टिहरी लोकसभा क्षेत्र में बहुगणा ने अपनी लॉबी काफी मजबूत कर ली थी। इसी तरह पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत पौड़ी से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
रावत की नजदीकी लक्ष्मी राणा रुद्रप्रयाग से जिला पंचायत अध्यक्ष हैं, वे अभी कांग्रेस में ही हैं। इसके अलावा विधायक सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा काऊ आदि विधायकों के समर्थक पार्षद, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य हैं। ये सभी असमंजस की स्थिति में हैं।