केदारनाथ में पुलिस ने शवों की तलाश का दूसरे चरण का अभियान भी पूरा कर लिया है। छह दिन तक चले इस सर्च ऑपरेशन में जंगल से 185 शव बरामद किए गए, जिसमें दो लोगों की शिनाख्त हुई है।
दोनों चिलौंड के बताए जा रहे हैं। गरुड़चट्टी से सोनप्रयाग तक चले इस ऑपरेशन में पुलिस को 22 किमी का ट्रैक करना पड़ा। डीआईजी जीएस मार्तोलिया ने बताया कि केदारघाटी में दो चरणों में पुलिस ने 495 शव बरामद किए, जबकि प्रदेश में 594 शव बरामद हो चुके हैं।
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एक दिन रहना पड़ा भूखा
दो सितंबर को गरुड़चट्टी से विशेष अभियान शुरू हुआ था जो सात सितंबर तक चला और सोनप्रयाग में खत्म हुआ। इस दौरान शवों की खोज में निकली पुलिस टीम को कई मुश्किलें भी झेलनी पड़ी।
मौसम खराबी के चलते टीम को पूरे दिन में सुबह और शाम को ही बामुश्किलन काम के लिए पांच-छह घंटे मिल रहे थे। स्टोव खराब होने के कारण टीम को एक दिन भूखे तक रहना पड़ा।
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ओले पिघलाकर पिया पानी
जब दल के लिए हेलीकॉप्टर से नया स्टोव भेजा गया तब जाकर कहीं राहत मिली, लेकिन पेयजल के लिए अब भी मुश्किलें बरकार थी।
दो दिन दल के सदस्यों ने ओले एकत्र करने के बाद उन्हें गलाकर पानी पिया। यहां तक कि दल के सदस्यों को अपने अभियान के दौरान बरसाती पानी एकत्र कर तक पीना पड़ा।
शवों को खाई से निकाल लाए
शवों को खाई से निकालने और उनके दाह संस्कार में भी इस 28 सदस्यीय दल को मुश्किलें झेलनी पड़ी।
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दल का नेतृत्व कर रहे डीआईजी जीएस मार्तोलिया ने बताया कि कई स्थानों पर शवों को अंतिम संस्कार के लिए दो-तीन किमी दूर से लाना पड़ा। दल में 21 पुलिस कर्मी और सात पोर्टर थे।