16-17 जून को केदारनाथ में आए जल प्रलय से सड़क और पुल बह गए थे। जिससे हजारों लोग आपदा में कई दिनों तक फंसे रहे। लेकिन अब एक ऐसी तकनीक इजाद की गई है, जिससे भविष्य में ऐसी परेशानी से राहत पाई जा सकती है।
पढ़ें, डीएवी में आज पेटियों से निकलेगी जीत
राजधानी की बांदल वैली और शुक्लापुर में डीआरडीओ पुणे की ओर से बनाए गए फोल्डिंग पुल लगाए जाएंगे। ये मॉडल पुल भविष्य में आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत कार्यों के दौरान महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। महज दस से 15 मिनट में तैयार होने वाले इन पुलों से फंसे पर्यटकों, ग्रामीणों को निकालने में बड़ी मदद मिल सकती है।
हेस्को संस्था के अध्यक्ष अनिल प्रकाश जोशी ने बताया कि 16-17 जून को आपदा के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान सड़कों, पुलों को हुआ। इसके बाद लाखों लोगों की जान कई घंटों, दिनों तक नदियों के किनारे फंसी रही, जबकि सैकड़ों लोग मारे गए।
पढ़ें, ये डीएम जरा अलग किस्म के हैं...
इसे ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ पुणे ने ऐसे फोल्डिंग पुल बनाए हैं जो दस से 15 मिनट के भीतर नदी पर लगाए जा सकते हैं। जोशी ने बताया कि डीआरडीओ इन पुलों का प्रजेंटेशन सीएम विजय बहुगुणा के समक्ष भी दे चुका है।
बताया कि प्रयोग के तौर पर जल्द ही दून के शुक्लापुर और बांदल वैली में ऐसे दो-दो पुल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को राहत मिलेगी। प्रयोग सफल रहने पर सभी जिलों में ऐसे पुल लगाने के लिए सरकार को सुझाव दिया जाएगा।
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें