फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदरीनाथ धाम रह गया अब केवल पांच किमी दूर

Thu, 05 Sep 2013 10:05 PM IST
अमर उजाला, प्रमोद सेमवाल, गोपेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
बदरीनाथ धाम अब केवल पांच किमी दूर रह गया है। जल्द भक्त आसानी से दुबारा भगवान बदरीनाथ के दर्शनों के लिए पहुंच सकते हैं।
विज्ञापन


बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के अब इसी माह तक खुलने की उम्मीद जग गई है। दो दिन से मौसम साफ होने से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने लामबगड़ के भूस्खलन क्षेत्र में वैकल्पिक सड़क बनाकर विष्णुप्रयाग तक हाईवे खोल दिया है।

पढें, फर्स्ट टीचरः असली 'फुंसुक वांगडू' से मिलिए

बदरीनाथ हाईवे में अब लोग ऋषिकेश से विष्णुप्रयाग तक 287 किमी की यात्रा बिना वाहनों की अदला-बदली के कर सकते हैं। जेपी कंपनी के भवनों तक हाईवे का काम पूरा हो चुका है।
विज्ञापन


सड़क का बनना शेष
अब सिर्फ पांच किमी के हिस्से में सड़क का बनना शेष रह गया है। जबकि हनुमान चट्टी से माणा तक 13 किमी सड़क सुरक्षित है।

बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम ने साथ दिया तो 30 सितंबर से पहले ही हाईवे को बदरीनाथ तक वाहनों के आवागमन लायक बना दिया जाएगा।

मरम्मत में धन की कमी बनी रोड़ा
हाईवे के निर्माण और संरक्षण में बीआरओ के सम्मुख धन की कमी आडे़ आ रही है। केंद्र सरकार ने आपदा से क्षतिग्रस्त बदरीनाथ हाईवे को दुरुस्त करने के लिए बीआरओ को मात्र 13 करोड़ रुपये दिए, जबकि लामबगड़, विष्णुप्रयाग और मैठाणा में हाईवे के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है।
विज्ञापन


पढें, देवभूमि में शराब पीकर माताएं करती हैं ये कैसा काम?

धनाभाव होने से हाईवे को खोलने का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। विष्णुप्रयाग में अलकनंदा नदी पर वाहन पुल का निर्माण कार्य भी किया जाना है।

इनकी भी सुनिए
मौसम ने साथ दिया तो 30 सितंबर से पहले बदरीनाथ धाम तक हाईवे निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। विष्णुप्रयाग में अलकनंदा नदी के किनारे आए बोल्डरों को विस्फोट से उड़ाया जाएगा। बदरीनाथ तक हाईवे को दुरुस्त करने के लिए 30 करोड़ रुपये की जरूरत है।
-कर्नल निलेश चंदाराना, कमांडर, बीआरओ, जोशीमठ
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें