उत्तराखंड में विधानसभा घेराव के बहाने ही सही लेकिन इस शक्ति प्रदर्शन में प्रदेश भाजपा के सारे दिग्गज एक मंच पर नजर आए।
पिछले एक साल से अलग अलग क्षत्रपों में बंटी पार्टी के भविष्य के लिए आज का विधानसभा घेराव बेहतर साबित हुआ।
पढ़ें, बेचारे नेताजीः इनके लिए भी डीएम साहब ही हैं!
पार्टी के नेताओं में उत्साह
प्रदेश भर से आए कार्यकर्ताओं के जमघट ने भी पार्टी के नेताओं में उत्साह का संचार कर डाला। नरेंद्र भाई मोदी के प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार घोषित करने का उत्साह भी कार्यकर्ताओं में परिलक्षित हो रहा था।
राज्य की बहुगुणा सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। बन्नू स्कूल से विधानसभा की तरफ कूच करती भीड़ को पुलिस ने बेरिकेटिंग पर रोक जरूर लिया, लेकिन जोश खूब था।
पढ़ें, भारत के गांव में नेपाल के सिम पर ट्रिन-ट्रिन
गिरफ्तारी देकर सरकार को चुनौती
पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी और रमेश पोखरियाल निशंक के अलावा राष्ट्रीय सचिव त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, प्रकाश पंत, मदन कौशिक सरीखे नेताओं ने जोरदार तरीके से हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी देकर सरकार को चुनौती दे डाली।
अभी यह सिलसिला जारी रहेगा
भाजपा के इस प्रदर्शन को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए असरदार आगाज माना जा रहा है। क्योंकि अब लोकसभा चुनाव में छह माह ही शेष हैं।
पढ़ें, तुम किसी और को चाहोगी तो मुश्किल होगी...
इसलिए अब भाजपा ऐसा कोई मौका नहीं खोना चाहेगी जिससे पार्टी को जनता के बीच शर्मिंदगी झेलनी पड़े। वैसे भी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद तीरथ सिंह रावत के लिए यह अभी तक का सबसे सफल कार्यक्रम ही कहा जाएगा।
चूंकि यह कार्यक्रम प्रदेश संगठन के बैनर तले था, इसलिए तीरथ सिंह रावत के लिए भी आज का शक्ति प्रदर्शन संतुष्ट करने वाला ही रहा।