इस बार करवाचौथ का व्रत और पूजन बहुत विशेष है। ज्योतिषों के मुताबिक इस बार 70 साल बाद करवाचौथ पर ऐसा योग बन रहा है।
रोहिणी नक्षत्र और मंगल एक साथ
इस बार रोहिणी नक्षत्र और मंगल का योग एक साथ पड़ रहा है। ज्योतिष के मुताबिक यह योग करवाचौथ को और अधिक मंगलकारी बना रहा है। इससे पूजन का फल हजारों गुना अधिक होगा।
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पति की लंबी आयु के लिए विवाहिताएं करवाचौथ का निर्जल व्रत रखती हैं। यह व्रत सूर्य उदय होने से पूर्व प्रारंभ होता और चंद्रमा के उदय होने के साथ संपन्न होता है। ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि करवाचौथ पर उदित होते चंद्रमा का पूजन एवं अर्घ्य देने का विधान है।
महत्व और बढ़ गया
करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग होना अपने आप में एक अद्भुत योग है। मंगलवार होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। चंद्रमा में रोहिणी का योग होने से मार्कण्डेय और सत्यभामा योग बन रहा है।
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यह योग चंदमा की 27 पत्नियों में सबसे प्रिय पत्नी रोहिणी के साथ होने से बन रहा है। पति के लिए व्रत रखने वाली सुहागिनों के लिए यह बेहद फलदायी होगा। ऐसा योग भगवान श्रीकृष्ण और सत्यभामा के मिलन के समय भी बना था।
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