ऋषिकेश में राजाजी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत नीलकंठ पैदल मार्ग पर हाथी के हमले में एक महिला घायल हो गई। पति और बच्चों ने भागकर जान बचाई। घटना से श्रद्धालुओं में दहशत है।
सोमवार देर शाम रामाज्ञा प्रसाद निवासी यमुनानगर, हरियाणा पत्नी और दो बच्चों के साथ नीलकंठ मंदिर में जलाभिषेक करने के बाद पैदल मार्ग से वापस लौट रहे थे।
मौनीबाबा गुफा के पास किया हमला
रात करीब 11 बजे पैदल सफर तय कर जैसे ही मौनीबाबा गुफा के पास पहुंचे, तभी मार्ग किनारे झाड़ियों से अचानक हाथी सामने आ गया। जब तक वह संभलते हाथी ने आगे चल रही रामाज्ञा की पत्नी सरोज (37) पर हमला कर दिया।
बताया जा रहा है हाथी ने सूंड से महिला को किनारे फेंक दिया। हमले से घबराए पति ने बच्चों के साथ ऊपर की ओर भागकर जान बचाई और शोर मचाना शुरू कर दिया। इस बीच नीलकंठ से आ रहे श्रद्धालुओं ने हल्ला मचाया।
शोर सुनकर हाथी जंगल की ओर भागा
शोर सुनकर हाथी जंगल की ओर भाग गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। रामाज्ञा ने बताया कि घायल पत्नी और बच्चों के साथ पूरी रात वहीं गुजारी और तड़के पुलिस को सूचित किया। पुलिस की सूचना पर 108 एंबुलेंस सेवा ने घायल को सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में भर्ती कराया।
दो माह में हाथी के हमलेः
- 19 जुलाई को मौनी बाबा गुफा के समीप पुलिस कैंप पर हमला, एक सिपाही जख्मी।
- तीन अगस्त को नीलकंठ-स्वर्गाश्रम मार्ग पर अस्थायी दुकानों में तोड़फोड़।
- पांच अगस्त को मौनी बाबा गुफा के पास नीलकंठ से लौट रहे दंपति और उनके बच्चों पर हमला।
इनकी भी सुनिएः
पुलिस कैंप में हुए हमले के बाद गौहरी रेंज के अधिकारी को हाथी से सुरक्षा के इंतजाम करने के बाबत एक पत्र भेजा गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
- डीएस रावत, प्रभारी निरीक्षक, लक्ष्मणझूला थाना