अब शासन, प्रशासन और आपदा राहत कार्यों में जुटे अधिकारियों को केदारघाटी में शवों को खोजने में आसानी होगी। चेन्नई के अन्ना विवि के प्रोफेसर और छात्रों ने एक ऐसा डिवाइश लांच किया है, जिसकी मदद से पांच किमी क्षेत्र में शवों की खोज करने में मदद मिल सकेगी।
शनिवार को चारधाम राहत शिविर में उक्त विवि के प्रोफेसर और छात्रों ने अधिकारियों की मौजूदगी में इस ड्रोन नामक डिवाइस का प्रारंभिक परीक्षण किया। बीते 16 और 17 जून को केदारघाटी में आपदा से हुई जनहानि में हजारों लोग मारे गए थे। लेकिन अभी तक अधिकांश के शव नहीं मिल पाए हैं।
बचाव और राहत दल प्रयासों में जुटा है, लेकिन अभी तक अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिल पाई है। ऐसे में चेन्नई के अन्ना विवि के प्रोफेसर और छात्रों का यह प्रयोग कारगर साबित हो सकता है। इस संबंध में डीआईजी जीएस मार्तोलिया ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षण में इस उपकरण से सकारात्मक संकेत मिले हैं।
जो आगे राहत, बचाव और शवों की खोजबीन कार्य में मददगार साबित होगा। बताया कि रविवार को प्रयास किया जाएगा कि इस उपकरण की मदद से केदारघाटी में शवों की खोज की जाए।