श्री बदरीनाथ बदरीनाथ मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में बुधवार को सुबह चार बजकर 30 मिनट परविधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ खुल गए। लेकिन इस दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुबेर की डोली के साथ कुछ भक्तों ने मंदिर में घुसने की कोशिश की, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
बदरीनाथ के बाद पंचकेदार में सबसे ऊचांई पर स्थित तुंगनाथ धाम के कपाट भी खुल गए। कपाट बुधवार सुबह 11 बजे खुले।
आज से आम श्रद्घालु भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान मंदिर के अंदर मौजूद गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूरी की तबियत अचानक खराब हो गई। फिलहाल, उनकी तबियत में सुधार है। 3 बजकर 35 मिनट पर कुबेर की डोली ने मंदिर में प्रवेश किया।
बुधवार सुबह 4 बजे धर्माधिकारी मंदिर में पहुंचे। इसके बाद द्वार पूजा और संकल्प पूजा शुरू की गई। रावल ईश्वरन प्रसाद नम्बूदरी भी मुख्य गेट पर पहुंचे।
इसके बाद 4 बजकर 25 मिनट पर मेहता थोक के ग्रामीण मुख्य द्वार की चाबी लेकर पहुंचे। मेष लग्न पर 4 बजकर 30 मिनट पर टिहरी नरेश के प्रतिनिधि के रूप में पहुचे हर्षवर्धन नोटियाल की मौजूदगी में बदरीनाथ के कपाट 6 माह के लिए खोल दिए गए।