केदार, और गंगोत्री घाटी में आए जलप्रलय पर नेशनल जियोग्राफी चैनल ने विशेष डाक्यूमेंट्री तैयार की है। जिसमें आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने आपदा के कारण और भविष्य में इससे बचाव को सुझाव भी दिए हैं। अगस्त के प्रथम सप्ताह में इस डाक्यूमेंट्री के आने की संभावना है।
डोक्यूमेंट्री तैयार की है
नेशनल जियोग्राफी चैनल ने ‘अल्टीमेट डिजास्टर उत्तराखंड’ नाम से एक डोक्यूमेंट्री तैयार की है। जिसमें उत्तराखंड में 15 जून को श्रीकेदारनाथ घाटी, रामबाड़ा आदि में आई प्रलय से हुई तबाही को दिखाया जाएगा। चैनल ने प्रलय के कारणों और भविष्य में इससे बचाव के सुझावों को लेकर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के इंटरव्यू लिये हैं।
वैज्ञानिकों ने चैनल पर आपदा के कारणों को विस्तार से बताया है। साथ ही कैसे उत्तराखंड को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार किया जा सकता है। इसके लिए सुझाव भी दिये हैं।
आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों के सुझाव
-उत्तराखंड के एनसेफ जोन कर चिह्नित कर वहां से लोगों को शिफ्ट किया जाए।
-प्रदेश में एक रेस्क्यू फोर्स बने, जिनके स्टेशन उन स्थानों के समीप बनाए जाएं। जहां पर आपदा की आशंका रहती हो।
-क्लाउड ब्रस्ट आदि को लेकर अर्लीवार्निंग सिस्टम तैयार किया जाए। एनडीएमए के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों तक डिस्टजास्टर संबंधी अर्लीवार्निंग दी जाए।
-आपदा प्रभावित क्षेत्रों के समीप हेलीकॉप्टर स्टेशन बनाए जाएं।
‘नेशनल जियोग्राफी चैनल ने उत्तराखंड में आई आपदा पर ‘अल्टीमेट डिजास्टर उत्तराखंड’ नाम से एक डाक्यूमेंट्री बनाई है। जिसमें उन्होंने मेरा इंटरव्यू लिया है। इंटरव्यू में डिजास्टर के कारणों को बताने के साथ ही बचाव को सुझाव भी दिए हैं।
- डा. आर एनबालागन, प्रोफेसर ऑफ इंजीनियरिंग जियोलॉजी, डिपोर्टमेंट ऑफ अर्थ साइंसेज, आईआईटी रुड़की