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डीएम साहब के पास आपदा का हाल जानने का नहीं है टाइम

Mon, 01 Jul 2013 09:54 AM IST
प्रमोद सेमवाल
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कलक्टर साहब! लौट आओ। अब हमारी तबाही भी देख लो। सुनते हैं मंत्री और अफसर गांव-गांव पहुंच रहे हैं, आपदा पीड़ितों का हाल ले रहे हैं, राहत सामग्री भी आ रही है, पर हमारा तो कोई खैरख्वाह नहीं।
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नुकसान का हाल जानना तो दूर, राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था भी शासन-प्रशासन के लोग नहीं कर सके हैं।

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भीषण दैवी आपदा से चमोली जिला कराह रहा है। गांव के गांव तबाह हो गए हैं, पर जिलाधिकारी के पास इन गांवों का हाल जानने की फुर्सत नहीं है। अब पीड़ित ग्रामीण ही नहीं बल्कि आम लोग भी सवाल कर रहे हैं कि आपदा की घड़ी में कलक्टर साहब आखिर हैं कहां।

पूरा दिन बीत रहा हैलीपैड पर
यहां हम बताते हैं कलक्टर साहब न छुट्टी पर हैं और न ही किसी विदेश यात्रा पर। जिले में ही हैं। जोशीमठ में कैंप कर रहे जिलाधिकारी का पूरा दिन आर्मी हेलीपैड से उड़ान भरते या लैंडिंग करते हेलीकाप्टरों को देखने में बीत रहा है।
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दरअसल 17 जून को बदरीनाथ हाईवे के क्षतिग्रस्त होने से 20 हजार से भी अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में फंस गए थे। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन 18 जून की सुबह जोशीमठ को रवाना हो गए। सेना यहां फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने में जुटी है।

देखने की जहतम तक नहीं उठाई
अधिकांश यात्री निकाले जा चुके हैं। बचाव अभियान सफलता से संचालित होने के बावजूद डीएम ने जिले के दूसरे आपदाग्रस्त इलाकों की ओर देखने की जहमत नहीं उठाई। जबकि जिले में ही नारायणबगड़, थराली और देवाल में सड़क और पैदल मार्ग पिंडर में समा गए। ग्रामीणों के घर, दुकानें और सब कुछ बाढ़ की भेंट चढ़ गए।

गांव के गांव तबाह होने के बावजूद जिलाधिकारी जोशीमठ से नीचे नहीं उतरे। देवाल के कई गांवों में 14 दिन बाद भी राहत सामग्री नहीं पहुंची है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र चमोली ने पिंडर क्षेत्र के ग्रामीणों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 21 जून को शासन से हेलीकॉप्टर की मांग की थी, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

जिला प्रशासन ने नहीं किए इंतजाम
सांसद, मंत्री और विधायक हेलीकॉप्टर से जिले के कई चक्कर लगा चुके हैं, पर आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सरकार के पास हेलीकॉप्टर नहीं है। जिला मुख्यालय पर बाहर से आ रही राहत सामग्री के लिए 13 स्टोर बनाए गए हैं। लेकिन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में इस राशन को भेजने के लिए जिला प्रशासन ने कोई इंतजाम अभी तक नहीं किया है।

आपदा पीड़ितों को अभी भी उम्मीद है कि डीएम अब जोशीमठ से नीचे उतरकर उनकी सुनवाई करेंगे। हमने इस मामले में जिलाधिकारी से भी फोन पर बात करने की कोशिश की, पर उनसे संपर्क नहीं हो सका।

जिलाधिकारी जोशीमठ से ही आपदा राहत कार्य को संचालित कर रहे हैं। फोन से आपदाग्रस्त क्षेत्रों की जानकारी ले रहे हैं। पिंडर क्षेत्र में राहत सामग्री भेजने के लिए हमने हेलीकॉप्टर मांगा है, लेकिन अभी तक हेलीकॉप्टर नहीं मिल पाया है।
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- संजय कुमार, एडीएम, चमोली
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