हरिद्वार घूमने आई दिल्ली की एक युवती को मेहमाननवाजी का न्यौता देकर गैंगरेप कराने का एक मामला सामने आया है। एक स्थानीय महिला की मदद से बंधक बनाकर उसके साथ कई दिनों तक गैंगरेप किया गया।
पीड़ित युवती को एक ‘झोपड़ी’ में कैद करके रखा गया था। युवती बुधवार सुबह वहां से किसी तरह भाग निकली। एक राहगीर को आपबीती सुनाई। इसके बाद उसकी मुक्ति की राह खुली।
पुलिस ने युवती को मेडिकल के लिए महिला अस्पताल भेज दिया। युवती के परिजनों से संपर्क किया गया है।
घर रुकने का न्यौता
सीओ सदर राजेश भट्ट ने बताया कि एक सप्ताह पहले दिल्ली निवासी दो युवतियां हरिद्वार घूमने आई थीं। दोनों हरकी पैड़ी क्षेत्र में बैठी हुई थीं। इसी बीच उनके पास सुनीता नाम की एक महिला आई। बातों ही बातों में सुनीता ने दोनों को अपने घर रुकने का न्योता दिया।
सुनीता उन्हें भगत सिंह चौक स्थित अपने घर ले आई। घर में सुनीता के अलावा और कोई नहीं था। दोपहर का खाना खाने के बाद युवती की सहेली अचानक कहीं चली गई।
युवती ने सुनीता से सहेली के बारे में पूछा। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बार-बार पूछने पर सुनीता ने युवती के साथ मारपीट की और उसे बंधक बना लिया।
नशे का इंजेक्शन और गैंगरेप
इसके बाद युवती को नगर निगम की खाली जमीन पर बनी एक झोपड़ी में पहुंचाया गया। रात में पांच युवकों ने उसके साथ बलात्कार किया।
बंधक युवती पर पल-पल नजर रखी जाने लगी। नशे के इंजेक्शन आदि भी दिए गए। पुलिस ने बताया कि युवती को जान से मारने की धमकी दी गई।
बुधवार सुबह किसी तरह युवती झोपड़ी से भागने में सफल हुई। भगत सिंह चौक रोड पर युवती को बदहवास हालत में देख रविंद्र भट्ट नामक स्थानीय युवक ने उससे इसकी वजह पूछी।
इतने में तीन युवक मौके पर आए और रविंद्र को धमकाकर युवती को अपने साथ ले गए। उनमें से एक खुद को पुलिसवाला बता रहा था।
रविंद्र की सूचना पर पुलिस झोपड़ी में पहुंची, जिन्हें देख आरोपी युवक मौके से भाग निकले। युवती ने बताया कि उसके साथ लगातार बलात्कार किया जा रहा था।
कौन है वह ‘पुलिसवाला’
पीड़िता ने बताया कि उसके साथ बेल्ट और लात-घूसों से मारपीट की जाती रही। आरोपी युवकों में से एक युवक खुद को पुलिसवाला बताता था। उसे पर्याप्त खाने को भी नहीं दिया गया।
पीड़ित युवती की सहेली का सुराग नहीं लग पाया है। युवती को बंधक बनाने वाली महिला सुनीता भी लापता है।