नए साल के जश्न में कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों की शांति भंग न हो, इसका ख्याल आसपास के रिजार्ट मालिकों को रखना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सख्ती की जाएगी। कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसके लिए चेतावनी जारी कर दी है, ताकि उच्च न्यायालय के फैसले का पालन कराया जा सके।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने छह माह पहले ही कार्बेट टाइगर रिवर्ज के आसपास के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित किया है। इसके तहत रात 10 बजे से लेकर सुबह छह बजे के बीच में 40 डेसीबल से अधिक ध्वनि प्रदूषण नहीं किया जा सकता। सुबह छह से रात दस बजे के बीच भी अधिकतम 60 डेसीबल ही ध्वनि प्रदूषण स्वीकार्य है। इससे अधिक ध्वनि प्रदूषण करने पर संबंधित रिजार्ट के खिलाफ जुर्माना हो सकता है। रिजार्ट को सील करने का भी प्रावधान है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक आरके मिश्रा ने बताया कि 30 और 31 दिसंबर को कार्बेट कर्मी गश्त करेंगे और ध्वनि प्रदूषण मानकों की जांच करेंगे। अधिक ध्वनि प्रदूषण होने पर संबंधित रिजार्ट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्बेट कर्मियों का अवकाश निरस्त
नए वर्ष के जश्न के दौरान होने वाली गतिविधियों को देखते हुए कार्बेट कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। कार्बेट के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता से गश्त करें ताकि वन्य जीवों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कार्बेट पार्क में बुकिंग फुल
नए साल का जश्न कार्बेट में मनाने के लिए विभिन्न राज्यों से बड़े पैमाने पर सैलानी आएंगे। इसके कारण कार्बेट टाइगर रिजर्व के आसपास के सभी रेस्ट हाउस बुक हो चुके हैं। कई रिजार्ट्स ने अभी से नो बुकिंग और बुकिंग फुल का बोर्ड लगा दिया है।