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हाथी पर सवार हो सकते हैं बागी, बढ़ रही नजदीकी

Sun, 01 May 2016 08:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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बसपा - फोटो : bsp symbol
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उत्तराखंड की राजनीति में मची उठापटक के बीच राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि कांग्रेस से बगावत कर राजनीतिक तूफान खड़ा करने वाले कई बागी विधायक बसपा का दामन थाम सकते हैं। बसपा सूत्रों की मानें तो 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा की ओर से टिकट न दिए जाने की स्थिति में ये विधायक हाथी पर सवार होकर चुनावी दंगल में उतर सकते हैं।
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अदालत से फैसला आने के बाद इन विधायकों को लेकर स्थिति साफ होने के बाद ही कांग्रेस और भाजपा यह रणनीति तय करेगी कि इन विधायकों को उनके वर्तमान विधानसभा क्षेत्रों से टिकट दिया जाए या नही? लेकिन वर्तमान में जो राजनीतिक परिदृश्य है और जिस तेवर में कई बागी विधायक कांग्रेस के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, उसे देखते हुए तो यही लगता है कि कांग्रेस बागी विधायकों की वापसी की राह कम ही है।

बागियों ने साधा बसपा सुप्रीमों से संपर्क
इतना ही नहीं सियासी उठापटक के बीच भाजपा का साथ देने वाले इन सभी विधायकों को पार्टी टिकट देकर उपकृत करेगी, इसकी उम्मीद भी कम है। आगामी विधानसभा चुनाव में ऐसे विधायकों को टिकट देने की स्थिति में पार्टी की अंदरूनी राजनीति प्रभावित होगी, जिसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
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ऐसे में बागी विधायकों ने अपनी राजनीतिक रणनीति में बदलाव किया है। बसपा आलाकमान से जुड़े सूत्रों की मानें तो बागी विधायकों में से कई ने पार्टी सुप्रीमो से संपर्क साधा है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव की दावेदारी की जा सके।

बसपा में मंथन शुरू
बसपा भी इन बागी विधायकों के प्रस्ताव को लेकर उत्साहित नजर आ रही है। प्रदेश आलाकमान से जुड़े एक पदाधिकारी ने बागी विधायकों द्वारा संपर्क किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि इन विधायकों को लेकर पार्टी में मंथन जारी है।

2007 विधानसभा चुनाव में आठ विधायकों को सदन भेजने वाली बसपा एक बार फिर पुराना इतिहास दोहराने की फिराक में है। पार्टी आलाकमान से जुड़े पदाधिकारी का कहना है कि वैसे तो संभावित प्रत्याशियों के अंतिम चयन का निर्णय पार्टी सुप्रीमो का करना है। फिर भी बागी विधायकों के पार्टी में शामिल होने और इससे राजनीति में आए बदलाव पर गंभीर मंथन किया जा रहा है।
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