सूबे में पिछले डेढ़ महीने से जारी सियासी संकट के बीच राजनीति बदलने के संकेत मिल रहे हैं। जहां एक तरफ सियासी संकट के बीच विधानसभा में नए सिरे से फ्लोर टेस्ट की संभावनाएं नजर आने लगी हैं वहीं कई बागी विधायकों ने इस बात का संकेत दे दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान वह नई पार्टी का गठन कर सकते हैं।
बागी नौ विधायकों में से कई मंगलवार को सचिवालय में चहलकदमी नजर आए। इस मौके पर पूर्व विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि अब गाड़ी बहुत आगे निकल चुकी है। प्रकरण के पटाक्षेप होने के बावजूद कांग्रेस में वापसी का सवाल ही नहीं उठता है।
हां भाजपा के टिकट पर, बतौर निर्दलीय प्रत्याशी या फिर नई राजनीतिक पार्टी के बैनर तले चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। सुबोध उनियाल ने कहा कि भावी राजनीति को लेकर तमाम विकल्पों पर मंथन जारी है।
बहुत कुछ अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा। कमोवेश यही बात केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत ने कही। उन्होंने कहा कि भविष्य की राजनीति को लेकर तमाम विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जिसमें नई राजनीतिक पार्टी का गठन करना भी शामिल है।