राष्ट्रपति शासन में कानून व्यवस्था को आधार बनाने को लेकर सहमी कांग्रेस अब धारा 144 के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरने का एलान कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भूख हड़ताल तक की धमकी दी है। कांग्रेस संगठन ने भी रावत के सुर में सुर मिलाते हुए बुघाणी जैसे छोटे से गांव में भी धारा 144 लगाने का विरोध किया है।
हालांकि, सितारगंज में पांच अप्रैल के लिए प्रस्तावित लोकतंत्र बचाओ यात्रा को कांग्रेस ने स्थगित करते हुए इसे नौ अप्रैल को करने का इरादा जताया है। कांग्रेस के सामने संकट यह है कि वह शांति व्यवस्था में खलल का कोई मौका भाजपा को नहीं देना चाहती और साथ ही यह जताने की कोशिश में भी है कि विरोध के मामले में वह बैकफुट पर नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मुताबिक पौड़ी के बुघानी गांव में धारा 144 लगाना यह साबित करता है कि भाजपा किसी कीमत पर यह नहीं चाहती कि कांग्रेस लोगों तक अपनी बात पहुंचाए।
पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर इसी मानसिकता का परिचय दिया जा रहा है। रावत ने कहा कि वे लोकतंत्र बचाओ यात्रा को जारी रखेंगे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दी।