स्वास्थ्य विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी है। राज्यपाल का इशारा मिलने के बाद जूनियर होने के बावजूद सीएमओ के पद पर जमे अफसरों पर गाज गिर सकती है। वरिष्ठ होने के बावजूद, स्वास्थ्य महानिदेशालय में अपर निदेशक के पद पर बैठे अफसरों को फील्ड में भेजे जाने की तैयारी है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को दिनभर मशक्कत की और सभी सीएमओ और अपर निदेशकों के इंटरव्यू लिए। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने सभी का ट्रैक रिकार्ड भी खंगाला।
कांग्रेस राज में जूनियर होने के बावजूद वरिष्ठों को पटखनी देकर जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बने अफसरों को अब हटना पड़ेगा। क्योंकि यह शिकायत राज्यपाल तक पहुंच गई है।
राज्यपाल के आदेश पर शासन आया हरकत में
राज्यपाल के आदेश पर शासन हरकत में आ गया है। अब सभी का बायोडाटा चेक किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सिफारिशी अफसरों पर कभी भी गाज गिर सकती है।
शासन में बुलाई गई बैठक में जिलों में तैनात सीएमओ और स्वास्थ्य निदेशालय में तैनात अपर निदेशकों से एक-एक कर उनकी क्षमता पूछी गई और पिछला ट्रैक रिकार्ड देखा गया।
सभी वरिष्ठों से जिलों में जाने की बाबत पूछा गया, जिसने मना किया, उससे लिखित में लिया गया कि वह क्यों नहीं जाना चाहते। क्योंकि ज्यादा मारामारी मैदान के चार जिलों के लिए ही रहती है।
इन चार जिलों के अलावा ज्यादातर अफसर पहाड़ में जाने के बजाय निदेशालय में रहना उचित समझते हैं। इसी क्रम में यह कसरत हो रही है। अब आकाओं तक पहुंच रखने वाले सभी सीएमओ को हटना पड़ सकता है।