अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस:प्रदीप शर्मा।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। एमबीए की डिग्री लेकर हरियाणा में 12 लाख रुपये का पैकेज छोड़ एक युवा ने स्वरोजगार की राह चुनी। डेरी (दुग्ध) व्यवसाय को खोलकर उन्होंने जहां 15 लोगों को रोजगार दिया वहीं युवाओं को स्वरोजगार की प्रेरणा भी दे रहे हैं।
लोहाघाट ब्लॉक के ठांठा गांव के युवा प्रदीप शर्मा डेरी के क्षेत्र में कामयाबी के झंडे गाड़ रहे हैं। उच्च शिक्षित शर्मा ने परिवार के परंपरागत कारोबार की खातिर निजी क्षेत्र की बड़ी नौकरी को बाए-बाए बोल दिया। पिता तुलाराम शर्मा मावे की गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। उनसे सीखकर प्रदीप 11 साल से मावे का उत्पादन कर रहे हैं। खुद के प्लांट में बनाए इस शुद्ध मावे की आपूर्ति लोहाघाट, चंपावत, पिथौरागढ़, हल्द्वानी तक हो रही है। शर्मा बताते हैं कि रोज एक क्विंटल मावे का उत्पादन होता है। प्लांट से 15 लोग रोजगार पा रहे हैं। दूध की आपूर्ति के लिए कमी न हो, इसके लिए गांव के लोगों को गाय खरीदने में भी मदद करते हैं। प्रदीप शर्मा दूध, दही, पनीर का प्लांट भी लगा रहे हैं। विपणन के आधुनिक, सुविधाजनक तरीके ईजाद करने के लिए नया मोबाइल एप बना रहे हैं। चंपावत दुग्ध संघ के प्रबंधक राजेश मेहता बताते हैं कि प्रदीप शर्मा ने डेरी के काम को गुणवत्ता के साथ नई ऊंचाई दी है।