चंपावत जिले के दूरस्थ गांव में पावर वीडर के जरिए खेतों की जुताई करती महिला काश्तकार।
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चंपावत। पावर बीडर एवं पावर ट्रिलर पहाड़ी खेती को आसान करने के साथ यह रोजगार का अच्छा जरिया बनते जा रहे है। पहाड़ों में हल चलाने में महिलाएं परहेज करती आ रही हैं, लेकिन वे पावर बीडर से आसानी से अपने खेतों की जुताई कर रही हैं। कृषि विभाग की ओर से अस्सी फीसदी छूट में उपलब्ध कराए जा रहे पावर बीडर की कीमत 15 हजार रुपये तथा पावर ट्रिलर की कीमत लगभग 40 हजार रुपये है।
पावर बीडर से प्रति घंटे एक लीटर पेट्रोल से पांच से सात नाली बंजर भूमि आबाद की जा सकती है। इतनी ही जुताई पावर ट्रिलर से भी हो रही है। यह घाटी वाले क्षेत्रों के लिए काफी उपयोगी है।
पावर बीडर का वजन मात्र 60 से 80 किलो है। यह पहाड़ी भूमि में आसानी से जुताई कर लेता है। पावर ट्रिलर वजनी होने के साथ खेतों की जुताई के लिए आसान है। पावर बीडर खरीदकर तमाम लोग दूसरों के यहां भी खेतों की जुताई कर स्वयं को रोजगार से जोड़ते जा रहे है।
पावर ट्रिलर और बीडर की बिक्री करने वाले हिमांशु जोशी के अनुसार पिछले कुछ दिनों के दौरान दोनों उपकरणों के मांग बढ़ती जा रही है।
जिले के सभी न्याय पंचायतों तक पावर बीडर व ट्रिलर पहुंचाएं जा चुके हैं। इससे मानव श्रम एवं समय की बचत होने के साथ आसानी से बंजर भूमि को आबाद किया जा सकता है। इससे लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। -राजेंद्र उप्रेती, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।