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कोरोना टैक्स की मार : अब 75 किलोमीटर के सफर को देने होंगे 280 रुपये

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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। 22 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन के बाद से अब तक लोगों को आवाजाही के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार ने रोडवेज बसों के संचालन का निर्णय लिया है। मगर साथ ही महामारी एक्ट लागू रहने तक बसों के किराये में बेतहाशा इजाफा किया गया है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि बस का संचालन तो ठीक है, मगर किराया दोगुना किए जाने से लोगों पर मार पड़ेगी। --::: रोडवेज किराए की पुरानी दर व नई दर :: *चंपावत से लोहाघाट ( 13 किमी): 30 रुपये- 60 रुपये *चंपावत से टनकपुर ( 75 किमी): 140 रुपये- 280 रुपये। *लोहाघाट से टनकपुर ( 89 किमी) : 180 रुपये- 360 रुपये। * टनकपुर से पिथौरागढ़ ( 150 किमी): 280 रुपये- 560 रुपये। --::: जेब पर पड़ेगी मार :: पहाड़ में रेल की सुविधा नहीं है, लेकिन अब सड़क मार्ग से आवाजाही भी आसान नहीं होगी। रोडवेज बसें शुरू तो होंगी, लेकिन किराया बढ़ने से लोगों की जेब पर मार पड़ेगी।" -ललित मोहन राय, लोहाघाट। -::: वापस हो बढ़ा किराया :: "लोगों का रोजगार छिन रहा है। कोरोना के इस कठिन हाल में रोडवेज ने पहले तो बसेें नहीं चलाई और अब सरकार किराया बढ़ा रही है। इसे वापस लिया जाना चाहिए।" -कमल भट्ट, अमोड़ी। --:: मिलेगी सुविधा :: लॉकडाउन के चलते बीते 90 दिनों से सार्वजनिक परिवहन बंद होने से लोगों को भारी दुश्वारी हो रही थी। अब रोडवेज बसें शुरू करने के निर्णय से लोगों को सुविधा मिलेगी।" -कृष्णा जोशी, चंपावत। --::: लगा दिया कोरोना टैक्स :: "कोरोना महामारी के दौर में काम-धंधा और अन्य गतिविधियां चौपट रही है। लोग भारी मुसीबत में हैं। ऐसे में सरकार ने रोडवेज का किराया बढ़ा लोगों पर कोरोना टैक्स लगा दिया है।" -सतीश जुकरिया, चंपावत।
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