बनबसा में तेंदुए के हमले में फागपुर निवासी महिला मुन्नी देवी की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार मुन्नी देवी तीन अन्य महिलाओं के साथ हुड्डी नदी के किनारे चारा लेने गई थी।
जंगली जानवर के हमले में मौत का शिकार हुई महिला अपने दो बच्चों को पढ़ाने को अपने पिता गणेश नाथ (माइके) के साथ रह रही थी। उसके पति कैलाश पुरी रूद्रपुर में काम करते हैं। उनका घर, मकान, जमीन आदि रूद्रपुर में ही है।
लोगों ने बताया कि बनबसा हुड्डीनदी किनारे जंगली जानवर के हमले से हुई यह पहली मौत है। चंदनी निवासी अर्जुन सिंह महर ने यहां पिछले पचास वर्षों में जंगली जानवर के हमले से मौत होने की पहली घटना होना बताया है।
पूर्व तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर महेश चंद्र जोशी ने बताया कि जंगली जानवर के हमले से हुई मौत में वन विभाग छह लाख रुपये का मुआवजा परिजनों को देता है। समस्त औपचारिकताएं पूरी करने और विभागीय जांच संपन्न होने के बाद ही विभाग से पैसा स्वीकृत किया जाता है। उन्होंने बताया कि जंगली जानवर के हमले में घायल व्यक्ति के इलाज को फौरी तौर पर आर्थिक मदद दी जाती है।