तीन मार्च से दो अप्रैल तक चलने वाली उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। शुक्रवार को डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता और मुख्य शिक्षा अधिकारी नवीन चंद्र पाठक के संचालन में हुई तैयारी बैठक में बताया गया कि अभ्यर्थियों की चेकिंग हर परीक्षा केंद्र के प्रवेशद्वार पर होगी। डीएम ने निष्पक्ष और नकल विहीन परीक्षा के लिए सभी उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
एसपी दिलीप सिंह कुंवर ने परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त की बात कही। हर परीक्षा केंद्र के आसपास धारा 144 लागू रहेगी। नकल विहीन परीक्षा के लिए जिले को पांच सेक्टरों में बांटा गया है। औचक मुआयने के लिए तीन सचल दस्ते बनाए गए हैं। इसके अलावा हर केंद्र में व्यवस्थापक, कस्टोडियन की तैनाती की गई है। उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए जीआईसी लोहाघाट मुख्य संकलन केंद्र और जीआईसी टनकपुर को उप संकलन केंद्र बनाया गया है। संवेदनशील केंद्रों पर पैनी नजर रखने और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए सभी केंद्रों पर ग्राम प्रहरियों को जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में एडीएम जेएस राठौर, कलक्ट्रेट की प्रभारी अधिकारी सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम भगत सिंह फोनिया, निर्मला बिष्ट, डीईओ माध्यमिक डीएस चौहान, बीईओ आरएस नेगी, कस्टोडियन प्रकाश चंद्र, जितेंद्र सिंह, भगवती प्रसाद जोशी, चक्रधर कर्नाटक, सीपी गहतोड़ी आदि मौजूद थे।
11 परीक्षा केंद्र संवेदनशील
इस साल उत्तराखंड बोर्ड में हाईस्कूल परीक्षा में 5404 छात्र-छात्राओं के लिए 38 केंद्र और इंटरमीडिएट के 4035 छात्र-छात्राओं के लिए 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जीआईसी भिंगराड़ा, श्रीरीठा साहिब, चौड़ाकोट, रेगड़ू, मडलक, मंच, तामली सहित जिले में कुल 11 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया गया है।