चंपावत। जिले के मझेड़ा बस्तिया गांव के जंगलों में आग लगने से वन्यजीवों और पेड़-पौधों को नुकसान हो रहा है। इसके अलावा वातावरण में धुंआ और धुंध होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार रात से ही मझेड़ा बस्तिया क्षेत्र के जंगलों में आग लगने से पूरे क्षेत्र में धुंआ फैलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि कुछ लोगों की लापरवाही के कारण वनों में आग लगने से घटनाएं सामने आ रही है। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा ने बताया कि मझेड़ा बस्तिया क्षेत्र में आग लगने की जानकारी नहीं है। जल्द ही क्षेत्र में विभाग की टीम भेजी जाएगी। संवाद
एक सप्ताह से जल रहे हैं पमस्यारी के जंगल
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नगर के नजदीकी गांव पमस्यारी के जंगल एक सप्ताह से धधक रहे हैं। कई हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जंगल में लगी आग पर काबू पाने में वन विभाग की टीम नाकाम हो रही है। आग के कारण वातावरण में धुंध छाई है।
इस बार फायर सीजन शुरू होने से पहले ही आग लगने की घटनाएं होने लगी थीं। बीच में बारिश से कुछ राहत मिली। अब पारा चढ़ते ही एक बार फिर जंगल धधकने लगे हैं। सबसे अधिक आग की चपेट में चीड़ के जंगल आ रहे हैं। पमस्यारी के जंगल पिछले एक सप्ताह से जल रहे हैं। आग पर काबू पाने में वन विभाग को भी कामयाबी नहीं मिल पाई है।
लगातार सुलग रही आग से जहां एक ओर वन्य जीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है वन रेंजर एमएस अल्मिया ने बताया कि जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए टीमों को भेजा जा रहा है। उन्होंने लोगों से वनों में आग न लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि आग लगाने वाले पता चला तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद