लोक निर्माण विभाग ने चंपावत-मंच-तामली मार्ग पर गंडक नदी के समीप पड़ने वाले कॉजवे पर चेतावनी का बोर्ड लगा दिया है। बोर्ड में लोगों को नदी के पानी के उतार चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए कॉजवे को पार करने की सलाह दी गई है।
चंपावत-मंच-तामली (सीएमटी) मोटर मार्ग पर 6 जुलाई को एक कार उफनती गंडक नदी में बही थी। हादसे में किसी की जान तो नहीं गई, लेकिन कार को काफी नुकसान हुआ। मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर बने कॉजवे में तब गंडक नदी का पानी करीब दो फीट तक पहुंच गया था। एकाएक कॉजवे के ऊपर से पानी बहने से कॉजवे की सही स्थिति का अंदाज नहीं लगा पाने से बरदोली गांव के आनदेव शर्मा की कार कॉजवे से नदी में गिर गई। जिसे बाद में एसडीआरएफ की टीम ने निकाला।
इस मार्ग पर कॉजवे के आसपास कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगा था। हादसे के बाद कॉजवे आसपास किसी तरह का चेतावनी बोर्ड नहीं लगने की खबर को 8 जुलाई को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए अब इस कॉजवे के पास लोक निर्माण विभाग ने चेतावनी का बोर्ड लगा दिया। लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट ने बताया कि गंडक नदी के पास के कॉजवे में मंगलवार को सुरक्षा की जानकारी देने वाला बोर्ड लगा दिया गया है। बोर्ड में लोगों को नदी के पानी के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रख कॉजवे को पार करने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश से कई मकानों को नुकसान, तीन बाइकें फंसी
लोहाघाट (चंपावत)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से यहां जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश से लोगों के भवनों, आंगनों, दीवारों, खेतों और रास्तों को काफी नुकसान हो रहा है। सड़क मार्ग के बाधित होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोहाघाट विकासखंड के मानाढुंगा-बलाना-डुंगरी सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों को खासी परेशानी हो रही है। ग्राम प्रधान महेश जोशी का कहना है कि क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत निधि बनी यह सड़क बारिश से कई स्थानों पर नाले में तब्दील हो गई है। सड़क पर जगह-जगह मलबा आने से तीन बाइकें फंसी हुई है। सड़क बंद होने से बोराबुंगा, फांफर, खुलकवार, बलाना, डुंगरी गांवों के लोगों को गाड़ी पकड़ने के लिए आठ किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क मार्ग को यातायात योग्य बनाने की मांग की है। पाटी ब्लाक में भूस्खलन होने से सुरेश भट्ट, जगदीश चंद्र, हेम सोराड़ी, गोकुलानंद भट्ट के आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। लोहाघाट, पाटी, बाराकोट में भी बारिश से लोगों के भवनों, दीवारों, खेतों, रास्तों को काफी नुकसान पहुंचा है।