चंपावत। लोकसभा चुनाव 2024 में लोहाघाट और चंपावत विधानसभा में 206577 मतदाता मतदान करेंगे जबकि 2019 में दोनों विधानसभाओं में 151873 मतदाता थे। लगातार चुनाव में मतदाताओं का प्रतिशत बढ़ता रहा है। इसमें सबसे अधिक 20 से अधिक आयु वर्ग के युवा जो बाहरी राज्य में नौकरी के लिए प्रवास करते हैं और वे हर साल मतदान के लिए आते हैं।
जिले के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या पिछले पांच साल में 50 हजार से अधिक बढ़ी है। चंपावत जिले की लोहाघाट और चंपावत विधानसभा में 2019 लोकसभा चुनाव में 151873 मतदाता थे। इसमें 79031 पुरुष मतदाता तो 72841 महिला मतदाता थीं। जबकि लोकसभा चुनाव में 86716 मतदाताओं ने मतदान किया। इसमें पुरुष मतदाता की संख्या 40937 और महिला मतदाता 45778 शामिल थीं। 19 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव में एक जनवरी 2024 को प्रकाशित मतदाता सूची में जिले में 206577 हैं। पुरुष मतदाता 107889 तो 98688 महिला मतदाता हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में 203256 लोगों ने मतदाता पहचान पत्र बनाया। इसमें 106151 पुरुष और 97105 महिला मतदाता थीं। जबकि चुनाव में 125696 ने मतदान किया। इसमें 66652 महिला, 59044 पुरुष मतदाता थे।
चुनाव- राप्रावि ईडाकोट, राजकीय पॉलिटेक्निक में सबसे अधिक महिला और पुरुष मतदाता
-राउप्रावि कुलौली, निगाली मतदान केंद्र में सबसे कम महिला-पुरुष मतदाता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। लोकसभा चुनाव में राप्रावि ईडाकोट और राजकीय पॉलीटेक्निक टनकपुर मतदान केंद्र सबसे अधिक महिला और पुरुष मतदाता हैं। लोहाघाट विधानसभा के राप्रावि ईडाकोट मतदान केंद्र में 551 महिलाएं मतदान करेंगी जबकि चंपावत में राजकीय पाॅलीटेक्निक टनकपुर नायकखेड़ा में 625 महिला मतदाता हैं। चंपावत विधानसभा का राउप्रावि कुलौली और निगाली सबसे कम पुरुष और महिला मतदाता वाला मतदान केंद्र है। लोहाघाट विधानसभा के राउप्रावि कुलौली केंद्र पर 44 महिला, 46 पुरुष मतदाता हैं जबकि चंपावत विधानसभा में राप्रावि निगाली में सबसे कम 24 महिला और 23 पुरुष मतदाता हैं।
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सीलबरूड़ी, कोटकेंद्री सबसे दूरस्थ मतदेय स्थल
चंपावत। जिले का राउमावि सीलबरूड़ी और राप्रावि कोटकेंद्री सबसे दूरस्थ मतदान केंद्र हैं। लोहाघाट विधानसभा का राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीलबरूड़ी तक पहुंचने के लिए मतदान पार्टियों को 15 किमी की दूरी तय करनी होगी जबकि चंपावत विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटकेंद्री तक पहुंचने के लिए 17 किमी पैदल चलकर पहुंचना होगा। यहां पहुंचने के लिए मतदान पार्टियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
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पुलहिंडोला मतदान स्थल सबसे ऊंचाई पर
चंपावत। लोकसभा चुनाव में पुलहिंडोला मतदान पार्टियों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थान है। लोहाघाट विधानसभा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय पुलहिंडोला समुद्र थल से 1750 फीट की ऊंचाई पर स्थित है जबकि चंपावत विधानसभा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय नरसिंहडांडा 1700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मतदान स्थल मतदान पार्टियों की सांस फुला देने वाली ऊंचाई पर है। ऐसे में यहां पर मतदान पार्टियों को अपनी सेहत को सुरक्षित रखते हुए सफल मतदान कराना चुनौती होगा।
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मतदेय स्थलों तक पहुंचने के लिए लगानी होगी तीन से 15 किमी की पैदल दौड़
-लोहाघाट में पांच, चंपावत में 12 मतदेय स्थल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए 17 मतदान पार्टियों को दो दिन पूर्व मतदेय स्थलों तक पहुंचने के लिए तीन से 15 किमी तक पैदल दूरी तय करनी होगी। सबसे दूर लोहाघाट विधानसभा का राप्रावि नौलियागांव है। कर्मियों को 114 किमी की दूरी तय करनी होगी। पहले वाहन से 94 किमी, फिर 10 किमी पैदल चलना होगा। जबकि चंपावत विधानसभा का राप्रावि बुंगादुर्गापीपल सबसे पैदल दूरी वाला मतदेय स्थल है। यहां पर 80 किमी वाहन से फिर 15 किमी पैदल दौड़ लगानी होगी।
लोकसभा चुनाव में जिले के 17 मतदान केंद्र लंबी दूरी पर स्थित हैं। कहीं वाहन से दूरी कम है तो पैदल चाल अधिक चलनी होगी तो कहीं वाहन से दूरी अधिक है तो पैदल चाल थोड़ी सी कम है। लोहाघाट विधानसभा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय जगाधार तक मतदान पार्टी को 55 किमी वाहन से जाना होगा। फिर आठ किमी की पैदल दूरी तय करनी होगी। राप्रावि गौलडांडा की वाहन से 94 किमी दूरी है। इसके बाद पांच किमी की पैदल चाल चलनी है। राप्रावि कलियाधूरा तक पहुंचने के लिए वाहन से 94 किमी और पांच किमी पैदल चलना होगा। राउमावि सीलबरूड़ी तक पहुंचने के लिए 25 किमी वाहन से सफर फिर 13 किमी पैदल दौड़ लगानी होगी। चंपावत विधानसभा के मतदेय स्थल राउमावि कठौल के लिए वाहन से 67 किमी और फिर 9 किमी पैदल चाल। राप्रावि बकोड़ा तक पहुंचने के लिए वाहन से 35 किमी, 10 किमी पैदल, राप्रावि मटकांडा के लिए 10 किमी की पैदल चाल, 32 किमी वाहन का सफर करना होगा। राउमावि सौराई तक 32 किमी वाहन का सफर, फिर 10 किमी पैदल चाल, मतदेय स्थल राप्रावि रूईयां तक 22 किमी वाहन का सफर करने के बाद छह किमी पैदल चलना है। राप्रावि कुकडौनी के लिए 25 किमी वाहन, आठ किमी पैदल, राप्रावि गंगसीर के लिए 55 किमी वाहन और 10 किमी पैदल चलना होग। जबकि वनराजि क्षेत्र के राप्रावि खिरद्वारी तक 40 किमी पैदल, 14 किमी की पैदल दौड़ लगानी होगी। राप्रावि कोटकेंद्री मतेदय स्थल पहुंचने के लिए 55 किमी वाहन का सफर फिर तीन किमी पैदल चलना होगा।