काफी हो-हल्ले के बीच अगस्त में विजिटिंग शिक्षकों की तैनाती हुई। 89 दिन के लिए तैनात इन शिक्षकों का कार्यकाल तो पूरा होने को है, लेकिन उन्हें अब तक मानदेय के रूप में एक भी पैसा नहीं मिला है। विजिटिंग शिक्षकों के संगठन ने मानदेय के अलावा सेवा के नवीनीकरण की मांग की है। बैठक के बाद इस संबंध में शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी भेजा गया है।
अगस्त में चंपावत जिले में 260 प्रवक्ता और एलटी शिक्षकों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया गया था। विजिटिंग शिक्षक संघ का कहना है कि उन्हें काम करते हुए 82 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी रुपया मानदेय नहीं मिला है। इस कारण उनकी दिवाली भी फीकी रही और अब उनके 89 दिनों का सेवाकाल एक हफ्ते बाद पूरा होना है। कहा कि विजिटिंग शिक्षकों की तैनाती से दूरदराज की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आई, लेकिन नवीनीकरण नहीं किए जाने से व्यवस्था फिर से गड़बड़ा जाएगी।
बैठक में कृष्णानंद जोशी, कमलाकांत पुनेठा, अंकित गड़कोटी, ज्योति पोखरिया, विभा रस्यारा, प्रदीप गोस्वामी, आस्था बिष्ट आदि मौजूद थे। उधर, मुख्य शिक्षाधिकारी नवीन चंद्र पाठक ने बताया कि बजट प्राप्त नहीं होने से विजिटिंग शिक्षकों का मानदेय नहीं दिया जा सका है। मानदेय की रकम आने पर भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं नवीनीकरण के लिए उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है।