लोहाघाट (चंपावत)। ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगली जानवरों की डर से ग्रामीण शाम हाेते ही घरों में दुबकने के लिए मजबूर हैं। बाराकोट ब्लॉक के तड़ाग में इन दिनों तेंदुए और भालू की चहलकदमी से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर इन्हें पकड़ने की मांग की है।
तड़ाग के पूर्व ग्राम प्रधान होशियार सिंह बोहरा ने बताया कि दिन दहाड़े तेंदुआ और भालू लड़ते हुए गांव के बीच पहुंच गए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पटाखे फोड़े और शोर मचाकर जंगल की ओर खदेड़ा। शनिवार दोपहर को भी गांव के पास एक तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। गांव की कुछ महिलाएं पास के जंगल में चारा-पत्ती लेने गई थीं। तभी एक भालू ने उनका पीछा किया। जान बचाने के लिए महिलाएं चीखती-चिल्लाती भागकर गांव पहुंचीं। एक सप्ताह पहले ग्रामीण भूपाल सिंह की गौशाला से तेंदुआ एक बकरी को उठा ले गया था।
तेंदुए की डर से तड़ाग, निगालीगाड़, कोटला और सिरतोली के बच्चे झुंड में राजकीय हाईस्कूल कालाकोट जा रहे हैं। इधर गल्ला गांव और कालाकोट में भी तेंदुए का आतंक बना हुआ। ग्रामीण ग्राम प्रधान दीपक सिंह, विक्रम सिंह, भवान कालाकोटी, उमेद सिंह, नवीन सिंह और कमल सिंह बोहरा सहित अन्य लोगों ने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगवाकर और तेंदुए और भालू को पकड़ने की मांग की है। रेंजर आरके जोशी ने बताया ग्रामीण को जागरूक किया जा रहा है। इधर, मंगोली गांव में फिर तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया शुक्रवार को भी तेंदुआ दिखाई दिया। रेंजर एनडी जोशी ने बताया पिंजरों का स्थान बदला जा रहा है। वन विभाग की टीम गश्त कर रही है।