ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, नगर पंचायत का घेराव
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नगर पंचायत की ओर से मेला खाल में कूड़ा डालने के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने नगर पंचायत का घेराव किया। कहा कि कूड़ा डालने से सात गांव के जलस्रोतों का पानी दूषित होने खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणोें ने चेतावनी दी यदि मेला खाल में कूड़ा डाला गया तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने के साथ बारी-बारी से आत्महत्या करेंगे।
मेला खाल के ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने के विरोध में शनिवार को राईकोट, कलीगांव, चांदमारी और पाटन क्षेत्र के लोग नारेबाजी करते हुए पहले एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कूड़ा डालने के विरोध में एसडीएम सीएस डोबाल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना था कि नगर पंचायत ने शुक्रवार को ग्रामीणों के विरोध के बाद भी जबरन मेला खाल में पुलिस की मौजूदगी में नगर का कूड़ा डाला गया। उन्होंने कहा कि कूड़ा डालने से पाटन ग्राम सभा के फर्नहिल, चांदमारी तोक, राईकोट, कलीगांव, सेरीगैर चांदमारी के जलस्रोतों का पानी दूषित होने का खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि यदि नगर पंचायत ने भविष्य में मेला खाल में कूड़ा डालने की कोशिश की तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के साथ बारी-बारी से आत्मदाह को बाध्य हो जाएंगे। इस मौके पर पाटन के प्रधान सुभाष कुमार, कलीगांव के मदन राम, खुशाल सिंह मेहता, राजेंद्र पाटनी, सलमान जावेद, शांति देवी, हेमा देवी, मनोज राम, भगवान सिंह बिष्ट, योगेश सिंह, पूरन सिंह, हरीश राम, माधो राम, गोपाल सिंह आदि मौजूद थे।