रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान करने वाले ज्ञानखेड़ा के ग्रामीण चुनाव बाद सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू करने के आश्वासन पर मतदान में हिस्सा लेने को तैयार हो गए हैं। शुक्रवार को एसडीएम दयानंद सरस्वती ने गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर यह आश्वासन दिया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से इंजीनियरिंग संपर्क मार्ग का निर्माण न होने से खफा ज्ञानखेड़ा के लोगों ने चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया था। उन्होंने गांव में चुनाव बहिष्कार का बकायदा बोर्ड लगाया था। ज्ञानखेड़ा के लोगों की इस मांग को अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से उठाने के बाद शुक्रवार को एसडीएम सरस्वती और तहसीलदार खुशबू पांडेय ने गांव में जाकर ग्रामीणों का पक्ष जाना।
ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 2016 में तत्कालीन विधायक हेमेश खर्कवाल की ओर से गांव के संपर्क मार्ग का निर्माण शुरू किया गया था जो आरबीएम डालने के बाद अधर में लटका है। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि चुनाव बाद मार्ग निर्माण की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
बैठक में ग्राम प्रधान नीतू गोस्वामी, बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, हरीश पंत, भीम चंद, हरीश खर्कवाल, राजेंद्र खर्कवाल, हयात सिंह, पूरन आर्य, लच्छी राम, उदय सिंह, नरी राम, रवि कुमार, सुरेश चंद, सतीश चंद, बसंत बल्लभ, तेज प्रकाश, बबीता, खर्कवाल, मुन्नी खर्कवाल, भागीरथी बिष्ट, केशवी पंत, देवकी देवी आदि थे।