सड़क निर्माण के दौरान चैकुनीबोरा गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के सामने पानी का संकट गहरा गया है। इस बाबत विभाग को कई बार जानकारी देने के बाद भी समस्या का हल नहीं हो सका है। नतीजतन गांव के 70 परिवार नौले और गधेरों से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पेयजल लाइन शीघ्र दुरुस्त नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चैकुनीबोरा के प्रधान महेश सिंह ने बताया कि छह माह पहले लोक निर्माण विभाग ने संपर्क मार्ग बनाने का काम शुरू किया था। इसी दौरान गांव की पेयजल लाइन जेसीबी ने क्षतिग्रस्त कर दी थी। तब से ग्राम पंचायत की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। इस वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पेयजल लाइन पांच जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे पानी का रिसाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां के ग्रामीण नौलों और गधेरों से पानी लाने को मजबूर हैं।
प्रधान महेश सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत के राकड़ी फुलारा, चैकुनी पांडेय और डिग्री कॉलेज के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां के 70 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि इस बाबत विभाग को कई बार अवगत कराया गया। बावजूद इसके समस्या जस की तस बनी है। ग्रामीण दीवान सिंह, भीम सिंह, पूरन सिंह, गिरीश चंद्र, तारादत्त पांडेय, भुवन पांडेय और भुवन सिंह ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट
चैकुनीबोरा पेयजल लाइन मरम्मत का आगणन तैयार कर लिया गया है। 1.50 लाख रुपये लागत से 300 मीटर पेयजल लाइन की मरम्मत की जानी है। जनवरी में पेयजल लाइन की मरम्मत कर दी जाएगी। -एसएस थापा, अवर अभियंता, जल संस्थान।