मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की दो दिनी हड़ताल शुरू हो गई है। इसके चलते रोडवेज की बस सेवा बाधित रही। सुबह 10.30 बजे बाद एक भी बस यहां से नहीं चली। बसों की कमी से लोगों को परेशानी हुई। वहीं, कर्मियों ने मांगों को शीघ्र पूरा नहीं करने पर 28 दिसंबर से टनकपुर स्थित मंडलीय कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
हड़ताल के चलते लोहाघाट से 10.30 बजे तक ही बस सेवा संचालित हुई। इस दौरान हल्द्वानी की दो बसों के अलावा बरेली, काशीपुर और धारचूला से दिल्ली तक की एक-एक बस संचालित हुई। इसके बाद से पूरी तरह बस सेवाओं का संचालन ठप हो गया। दिल्ली की चार, देहरादून की तीन, बरेली, ऋषिकेश हल्द्वानी एवं नैनीताल की एक-एक बसों का संचालन नहीं होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। यातायात अधीक्षक उमेश उपाध्याय ने बताया कि रोजाना 16 बसों का संचालन होता है। 11 बसों के संचालित नहीं होने से रोडवेज को 2.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
शुक्रवार को शाखा अध्यक्ष एनडी भट्ट की अध्यक्षता और नंदन भट्ट के संचालन में हुए प्रदर्शन में कर्मियों ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया। विरोध जताने वालों में प्रांतीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारी, क्षेत्रीय मंत्री सूरज भान, ललित मोहन जोशी, जीवानंद, नरेंद्र कुमार, दीपक सार्की, मनोज कुमार, योगेश सिंह आदि कर्मी शामिल थे।