कुमाऊंनी संस्कृति की जबरदस्त प्रस्तुति के साथ हरेला क्लब का दो दिनी उत्तरायणी मेला शनिवार की रात लक्की-ड्रा के साथ संपन्न हो गया। पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के कलाकारों के साथ दर्शक देर रात तक झूमे। संस्कृति सांस्कृतिक समिति अल्मोड़ा के प्रकाश बिष्ट और अमित गोस्वामी एंड कलाकारों की प्रस्तुति पर लोग मंत्रमुग्ध हुए।
शहर के गांधी मैदान में आयोजित मेले के दूसरे का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी बीरू चंद ने किया। शनिवार दोपहर दो बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का धमाल शुरू हुआ। शाम होते ही अल्मोड़ा के प्रकाश बिष्ट और अमित गोस्वामी एंड कलाकारों की प्रस्तुति का सिलसिला चला तो दर्शक कुमाऊंनी और गढ़वाली लोकगीतों, नृत्यों की प्रस्तुति पर जमकर नाचे। स्थानीय आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डा.जेबी चंद ने भी अपनी कला से दर्शकों को बांधे रखा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच-बीच में क्लब द्वारा क्षेत्र के प्रबुद्ध एवं गणमान्य नागरिकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही लोगों ने स्वादिष्ट कुमाऊंनी और अन्य व्यंजनों का स्वाद भी चखा। बच्चों ने भी मेले में लगे झूले और मिक्की माउस में उछल-कूद कर खूब आनंद लिया। मेले के आयोजन में क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चंद, सचिव अजय गुरुरानी, डा.वीके जोशी, डा.दीपक गहतोड़ी, डा.दिनेश चंद्र पाठक, नंदा कान्वेंट स्कूल की प्रबंधक जानकी खर्कवाल, एडवोकेट शंकर गड़कोटी, एलडी गहतोड़ी, देवी दत्त जोशी, कैलाश गड़कोटी, अमित जोशी, धीरेंद्र खर्कवाल, हेमंत कलखुड़िया, किशोर खर्कवाल, प्रदीप देउपा, अजय देउपा, क्लब की महिला इकाई अध्यक्ष विद्या जुकरिया आदि ने सहयोग दिया।
सांस्कृतिक प्रतियोगिता में एमडीएम का रहा दबदबा
उत्तरायणी मेले में हुई सांस्कृतिक प्रतियोगिता में एमडीएम एजुकेशनल एकेडमी के बच्चों का दबदबा रहा। सब जूनियर एकल डांस में एमडीएम एजुकेशनल ने प्रथम, सेंट फ्रांसिस स्कूल द्वितीय, नंदा कान्वेंट स्कूल तृतीय स्थान पर रहा। ग्रुप डांस में भी एमडीएम एजुकेशनल ने बाजी मारी। नंदा कान्वेंट स्कूल ने दूसरा और एबीसी आल्मामैटर स्कूल ने तीसरा स्थान पाया। जूनियर एकल और ग्रुप डांस में भी एमडीएम एजुकेशनल स्कूल ने दबदबा बनाए रखा। एकल में केंद्रीय विद्यालय वन द्वितीय और एबीसी आल्मामैटर तृतीय, जूनियर ग्रुप डांस में एबीसी आल्मामैटर स्कूल द्वितीय और न्यू लाइट सैनिक स्कूल की टीम तृतीय स्थान पर रही। निर्णायक मंडल में जीआईसी बनबसा की संगीत शिक्षिका कल्पना धामी, केवि वन की पूर्व प्रधानाचार्य चंद्रा चंद, जीआईसी टनकपुर के प्रधानाचार्य हरि प्रसाद गुप्ता, जमुना महर और विनय पाठक शामिल थे।