चंपावत जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में लटका ताला। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत। जिले के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद हो गए हैं। अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर ताले लटकने के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और निजी अस्पताल एवं डायग्नोस्टिक सेंटर में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
चंपावत जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए आए मरीजों को बृहस्पतिवार को मायूस लौटना पड़ा। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने की वजह से दूसरे अस्पताल के डॉक्टर को सप्ताह में एक दिन संबद्ध किया गया था। संबद्ध रेडियोलॉजिस्ट भी अवकाश पर हैं। जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों को निराश लौटना पड़ा। टनकपुर, लोहाघाट और चंपावत में चार दिन में पांच सौ अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एलएम रखोलिया छुट्टी पर हैं, इस कारण अल्ट्रासाउंड परीक्षण नहीं हो सके।
टनकपुर में छह साल से नहीं है रेडियोलॉजिस्ट
चंपावत। चंपावत जिले में तीन बड़े अस्पताल हैं। चंपावत के जिला अस्पताल, लोहाघाट और टनकपुर उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। टनकपुर अस्पताल में 2015 से रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। वहीं दिसंबर 2020 में लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट को सप्ताह में दो दिन के लिए टनकपुर संबद्ध किया गया था। नवंबर से चंपावत के रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने से परीक्षण में दिक्कत हो रही थी। दो सप्ताह पूर्व सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट को हर बृहस्पतिवार को चंपावत संबद्ध करने के आदेश दिए। अलबत्ता लोहाघाट के रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश में होने से 29 नवंबर से जिले के किसी भी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं।