पुलिस, एसओजी, एसटीएफ एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार को भारत-नेपाल सीमा से लगे जंगल में उत्तर प्रदेश के दो लोगों को बाघ की खाल और आठ किलो से अधिक हड्डियों के साथ पकड़ा है। उनके तार अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तोताराम या बावरिया गिरोह से जुड़े होने की आशंका है। पूछताछ में मिले अहम सुराग के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां वन्यजीव तस्करों का नेटवर्क खंगालने में जुट गई हैं।
पुलिस एवं स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) को शनिवार शाम एक मुखबिर ने सूचना दी कि नेपाल से लगे मैलानी बार्डर पर नेपाल के जंगल के रास्ते दो वन्यजीव तस्कर बनबसा की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही एसपी रामचंद्र राजगुरु के निर्देश पर पुलिस, एसटीएफ, वन विभाग एवं एसओजी की संयुक्त टीम गठित कर वन्यजीव तस्करों को पकड़ने की रणनीति बनाई गई। सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि टीम ने गढ़ीगोठ से लगे जंगल में मोर्चा संभाल रखा था कि इस बीच दो युवक हाथ में थैला लिए आते दिखाई दिए। करीब आने पर उनको पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर लखीमपुर जिले के ग्राम वमलापुर, थाना गोला निवासी राजू के पास से बाघ की 8.3 किलो हड्डियां और दूसरे आरोपी लखीमपुर जिले के ही ग्राम ठामा, थाना मैलानी निवासी महावीर के पास से बाघ की 13 फुट लंबी खाल बरामद हुई।
सीओ ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39, 42, 48, 50, 51 के तहत मुकदमा दर्ज कर बाघ की खाल एवं हड्डियों समेत वन विभाग के सुपुर्द किया गया है। आरोपियों के तार बावरिया या फिर तोताराम गिरोह से जुड़े होने का अनुमान है। सुरई रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण मौर्य ने बताया कि खाल की लंबाई के अनुसार मारे गए बाघ की उम्र 10 से 12 वर्ष होगी। पकड़ने वाली टीम में एसओजी इंचार्ज विनोद यादव, उप निरीक्षक ललित पांडेय, कांस्टेबल कमल धानिक, नवलकिशोर, दीपक प्रसाद, मनोज बेरी, संजय दोसाद, भूपाल चंद, धर्मवीर सिंह, बनबसा थानाध्यक्ष मनीष खत्री, शारदा बैराज चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत, सुरई रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण मौर्य, वन दरोगा संतोष भंडारी, जसोद सिंह, एसटीएफ टीम के कांस्टेबल महेंद्र गिरी व किशोर शामिल थे।
मैलानी के जंगल में किया था बाघ का शिकार!
बनबसा। आरोपियों के अनुसार जिस बाघ की खाल बरामद हुई है, उस बाघ को उन्होंने लखीमपुर खीरी के मैलानी बार्डर के जंगल में मारा था। आरोपियों से हुई गहन पूछताछ का हवाला देते हुए शारदा बैराज चौकी इंचार्ज सुरेंद्र खड़ायत ने बताया कि आरोपियों ने मैलानी में अर्जुन वृक्षों के जंगल में एक झील के पास बाघ का शिकार किया था। बाद में कसाइयों की मदद से खाल एवं हड्डियां सुरक्षित निकाली गईं। इन्हें बेचने वे बनबसा बार्डर के रास्ते दिल्ली जा रहे थे।