टनकपुर (चंपावत)। रूरल इनवायर्नमेंटल एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसायटी (रीड्स) संस्था के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में संरक्षित बिहार की दो युवतियों को आखिर उनके परिजन मिल ही गए। एक साल बाद परिजनों का पता चलने के बाद एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के आदेश पर पुलिस का मानव तस्करी रोधी दल (एएचटीसी) उन्हें परिजनों से मिलाने के लिए बिहार रवाना हो गया है।
पुनर्वास केंद्र में संरक्षित 25 वर्षीय युवती 17 जनवरी 2020 को और दूसरी 26 वर्षीया युवती 29 मार्च 2020 को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाकर बनबसा स्थित रीड्स के उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र में संरक्षित की गई थी। सालभर के चले प्रयासों के बाद संस्था, एसडीएम और चाइल्डलाइन 1098 की मदद से दोनों युवतियों के परिजनों का पता चल गया है। संस्था के कार्यकर्ता जनक चंद ने बताया कि इनमें 25 वर्षीया युवती बिहार के गया जिले की निवासी है, जबकि 26 वर्षीय दूसरी युवती बिहार के भोजपुर जिले की रहने वाली है। उन्होंने बताया कि एसडीएम के आदेश पर पुलिस की एएचटीसी प्रभारी उपनिरीक्षक मंजू पांडेय और एचसीपी रवि जोशी के साथ दोनों युवतियों को उनके परिजनों को सुपुर्द करने रविवार शाम बिहार रवाना किया गया है।