लोहाघाट (चंपावत)। नगर क्षेत्र के बैंक और डाकघर में कर्मचारी संक्रमित मिलने लगे हैं। लोहाघाट डाकघर में दो कर्मचारी और दो एजेंट कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसको देखते हुए दो दिनों के लिए डाकघर को बंद कर दिया गया है। अन्य सभी कर्मचारियों के कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। इधर एसबीआई लोहाघाट में एक कर्मचारी के पॉजिटिव आने के बाद बैंक शाखा दूसरे दिन भी बंद रही।
पोस्टमास्टर गौरव पांडेय ने बताया कि सोमवार को एक कर्मचारी और मंगलवार को एक कर्मचारी और दो एजेंट कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सुरक्षा को देखते हुए डाकघर की सेवाएं उपभोक्ताओं के लिए दो दिन के लिए बंद कर दी गई हैं। मालूम हो कि 29 अप्रैल को भी डाकघर का एक कर्मचारी पॉजिटिव मिला था, जिसके बाद अन्य कर्मचारियों की कोरोना जांच कराई गई थी। एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि डाकघर में संक्रमण को रोकने के हिसाब से सभी सेवाएं बंद करवा दी गई हैं। पोस्टमास्टर गौरव पांडेय ने बताया कि पूरे डाकघर को सैनिटाइज किया जा रहा है। इसके अलावा सभी कर्मचारियों की सैंपलिंग कराई गई है।
फोटो 04 एलएचजी 01पी।
मल्ली गुरना तोक में 25 पॉजिटिव मिले, माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के दयार तोली रेगडू गांव के मल्ली गुरना तोक में एक साथ 25 लोगों के कोरोना संक्रमित होने से गांव को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। जहां कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि मल्ली गुरना रेगडू़ के एक व्यक्ति की कोरोना से मौत के बाद गांव के लोगों के सैंपल लिए गए। रविवार शाम को आई रिपोर्ट में गांव के 25 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए गांव को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। एसडीएम ने बताया कि खेतीखान के गंभीरगांव में भी 22 लोग कोरोना संक्रमित हैं, जिसे भी माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों ही गांवों में 16 मई तक लोगों के आवाजाही में पाबंदी रहेगी। एसडीएम ने बताया कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन बौतड़ी और खीड़ी में आठ मई तक पाबंदी रहेंगी।(संवाद)
छह स्थानों को बनाया माइक्रो कंटेनमेंट जोन
पिथौरागढ़। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए छह स्थानों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया है। विभाग ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और एतिहयात के तौर पर ऐसा किया है। वहीं झूलाघाट पहले से माइक्रो कंटेनमेंट जोन बना हुआ है।
सीएमओ डॉ एचसी पंत ने बताया कि जिला मुख्यालय में टकाना, बजेटी, जाखनी, तिलढुकरी, रई और विकासखंड कनालीछीना के ग्राम झूणी मलान, सिरौली क्षेत्र को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इससे पूर्व झूलाघाट क्षेत्र को भी कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में जहां पर अधिक संख्या में कोरोना संक्रमित मिलेंगे उन्हें कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। सीएमओ डॉ पंत ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। जिले में लगातार ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। जिला बेस चिकित्सालय में बेड क्षमता 450 की जा रही है। जबकि बेस की क्षमता 250 है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए जनता को जागरूक और सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जिले की जनता से कोविड कर्फ्यू का पूर्ण पालन करने की अपील की है।(संवाद)
जौलजीबी झूलापुल बंद होने से भारतीय व्यापारी निराश
जौलजीबी(पिथौरागढ़)। एक साल बाद खुला भारत-नेपाल को जोड़ने वाला जौलजीबी झूलापुल को नेपाल की ओर से एक बार फिर बंद कर दिया गया है। इसके चलते भारतीय व्यापारी निराश हैं।
जौलजीबी के वरिष्ठ व्यापारी गजेंद्र पतियाल का कहना है कि जौलजीबी कस्बा व्यापार की दृष्टि से नेपाल पर निर्भर है। इसके अलावा रोटी बेटी के रिश्ते होने से लोगों की दोनों देशों के बीच आवाजाही बनी रहती है। कोरोना काल में यह पुल मार्च 2020 से लगातार एक साल तक बंद रहा। इस दौरान जहां एक ओर व्यापार ठप रहा वहीं दूसरी ओर लोग आवाजाही से भी वंचित रहे थे। पुल खुलने के बाद व्यापार धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा था लेकिन नेपाल की ओर से एक बार फिर पुल बंद कर दिया गया है। इससे फिर से व्यापार चौपट होने की आशंका गहरा गई है। व्यापारियों का कहना है कि धारचूला झूला पुल से आवागमन हो रहा है। कस्बे के अन्य व्यापारियों ने भी नेपाल प्रशासन से झूलापुल में आवाजाही सामान्य रूप से चलने देने की मांग की है।(संवाद)