स्टोन क्रशर मालिकों के कथित उत्पीड़न से खनिज निकासी में लगे शक्तिमान ट्रकों के मालिक भड़क गए। उन्होंने सोमवार को तहसील पर प्रदर्शन कर उत्पीड़न बंद न किए जाने पर क्रशरों के गेट पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
शारदा से खनन कार्य में लगे ट्रक मालिक सोमवार को तहसील पहुंचे और उत्पीड़न के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि खनिज निकासी शुरू करने से पहले क्रशर मालिकों ने हर दिन दो चक्कर खनिज सामग्री लेने की बात कहीं थी, लेकिन अब एक चक्कर खनिज ली जा रही है। खनिज निकासी का खर्च भी पर्याप्त नहीं दिया जा रहा है, जिससे ट्रक मालिकों की आय प्रभावित हो रही है। वहीं हर चक्कर में सरकार कांटे की तौल से दो से पांच क्विंटल तौल कम दर्शाई जा रही है। इसके विपरीत उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर से खनिज की निकासी कर रहे चुनिंदा ट्रकों से खनिज क्रय की कोई सीमा तय नहीं है।
वहां से कई ट्रक दिन में चार से पांच चक्कर निकासी कर रहे हैं और क्रशर मालिक उन्हें नगद भुगतान कर रहे हैं। क्रशर मालिकों के इस रवैये से शारदा से निकासी कर रहे ट्रक मालिकों को खासा नुकसान हो रहा है। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर क्रशरों में जाकर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में आनंद सिंह महर, बीडीसी सदस्य जगदीश चंद, पूरन सिंह, तेज सिंह खाती, पंकज सिंह, चंद्रशेखर, सुनील सिंह, कुंदन सिंह, ललित भट्ट, संदीप मलिक, हरीश भट्ट, विनोद सिंह, नरेश कठायत, विकास सिंह, भवान सिंह, जगदीश कठायत, नशरत, बृजमोहन, बाबू लाल, प्रमोद जोशी आदि शामिल थे।