चंपावत। जिले के सीमांत मंच क्षेत्र में मोबाइल सेवा रामभरोसे चल रही है। मंच कस्बे में बीएसएनल की ओर से लगाया गया मोबाइल टावर केवल बिजली उपलब्ध रहने पर ही कार्य करता है। बिजली गुल होते ही मोबाइल के सिग्नल गायब हो जाते हैं। इस समस्या से हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में जहां अधिकांश स्थानों पर फोर जी और फाइव जी सेवा का संचालन किया जा रहा है। वहीं सीमांत क्षेत्र में अभी तक टू-जी क्षमता के मोबाइल टावर संचालित किए जा रहे हैं। वह भी बिजली गुल होते ही काम करना बंद कर देते हैंं। मंच के गुरु गोरखनाथ मंदिर में बीएसएनएल के टावर में थ्री जी की तकनीक है, लेकिन वह टू-जी की स्पीड देता है। ग्रामीण राहुल सिंह, शेर सिंह आदि का कहना है कि कई बार बीएसएनएल के अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। उनका कहना है कि गुरु गोरखनाथ में लगे नेटवर्क बंद होते ही उससे लगे गांव सौराई, बकोड़ा, मंच, हरतोला, नीड़, मिट्टीखाल, गुरखोली, रैसंग, हरम, रमैला, खोकिया आदि गांवों की हेलो-हेलो सेवा बंद हो जाती है। नेटवर्क नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है साथ ही बैंक, तहसील थाना, अस्पताल आदि में ऑनलाइन कार्य ठप हो जाते हैं।
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मंच के गुरु गोरखनाथ धाम में लगाए गए बीएसएनएल के मोबाइल टावर में बिजली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था मौजूद है।
- विजय बहादुर, अवर अभियंता, बीएसएनएल, चंपावत।
बिजली कटौती से परेशान से लोगों ने किया प्रदर्शन
थल (पिथौरागढ़)। पमतोड़ी फीडर में खराबी आने से थल क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण बिजली कटौती से परेशान हैं। बुधवार को आक्रोशित लोगों ने यूपीसीएल के खिलाफ घट्टीगाड़ में प्रदर्शन कर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि दस माह से पमतोड़ी फीडर में खराबी आने से अस्याली, पतेत, गैरा, घट्टीगाड़, तुरगोली, बसोरा, चिफलवा, रिठायत, ग्वीरा सहित 50 गांवों में हजारों लोग परेशान हैं। 10 माह से इन गांवों के विद्युत संयोजन को मुवानी फीडर से जोड़ा गया है तब से ज्यादा दिक्कतें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर सुरेश चंद रजवार, राधा देवी, प्रदीप सिंह, सुरेंद्र सिंह, हरीश कुमार, प्रमोद मेहरा, रामानंद सिंह, लक्ष्मण सिंह, राजेंद्र सिंह गुरुंग मौजूद रहे। संवाद
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केबल आने में दो सप्ताह का समय लगेगा। केबल उपलब्ध होते ही ग्रामीण क्षेत्रों को पमतोड़ी फीडर से जोड़ दिया जाएगा।
- गिरीश आर्या, एसडीओ यूपीसीएल।