बारिश से मलबा आने के कारण जिले के दस मोटर अभी भी सुचारु नहीं हो पाए हैं। इन मार्गों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। इसके अलावा धौन, स्वाला, अमरूबैंड समेत कई जगहों पर टनकपुर पिथौरागढ़ मोटर मार्ग की स्थिति भी खतरनाक बनी हुई है। इन जगहों पर समय-समय पर ऊपर से मलबा आ रहा है, वाहनों को बच-बच कर चलना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय चंपावत समेत आसपास के क्षेत्रों में रविवार को मौसम साफ रहा। पिछले 24 घंटों में यहां 23 मिलीमीटर बारिश हुई। आपदा नियंत्रण विभाग के अनुसार बारिश से जिले में बंद 15 ग्रामीण मोटर मार्गों में से पांच को खोल दिया गया है। इनमें सौटी-रोकुंवर, बाराकोट-सिमलखेत, वालिक-गागर, बंतोली-दियारतोली, सलना-कानाकोट मार्ग शामिल हैं। दस सड़कें अभी सुचारु नहीं हो पाई हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय का कहना है कि बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी भेजे जा रहे हैं। जल्द ही इन्हें सुचारु कर दिया जाएगा।
चंपावत जनपद में बंद 10 ग्रामीण मोटर मार्ग
रीठा साहिब-मीनार, स्याला-पोथ, तिमलागूंठ-सिल्यूड़ीगूंठ, गल्लागांव-देवलीमाफी, कामाज्यूला-भनार-रैघांड़ी, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, गौड़ी-किमतोली, एनएच से खटोली मल्ली, बाराकोट-पड़ासूसेरा, थुवामौनी-बांस बस्वाड़ी मोटर मार्ग।
चंपावत जिले में बारिश की मात्रा (मिलीमीटर)
चंपावत:23
लोहाघाट:12
बनबसा:07
34 दिन में दो वाहन आए मलबे की चपेट में
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) भले ही रविवार को दिनभर खुला रहा, लेकिन इसमें आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। पिछले 34 दिन में इस मोटर मार्ग में दो वाहन मलबे की चपेट में आ चुके हैं। 31 जुलाई को मलबे की चपेट में आने से रोडवेज की बेरीनाग जा रही बस के शीशे टूटे थे। इस घटना में किसी यात्री को नुकसान नहीं हुआ। शनिवार को स्वांला के पास बस पर गिरे पत्थर से रोडवेज के लोहाघाट डिपो की बरेली से आ रही बस के चालक मदन कुंवर को चोट आ गई। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।