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108 सेवा ने फिर धोखा दिया

Sun, 03 Sep 2017 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
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जिला अस्पताल पहुंची दूरस्थ क्षेत्र सल्ली गांव की गर्भवती महिला। - फोटो : अमर उजाला
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आपात चिकित्सा सेवा 108 ने एक बार फिर धोखा दे दिया। गर्भवती महिला को अस्पताल तक लाने के लिए 108 सेवा नहीं मिल सकी। वजह टायरों का खराब होना है। इसके बाद महिला को निजी जीप से जिला अस्पताल लाया गया।

चंपावत विकासखंड के सल्ली गांव की हीरा देवी (23) पत्नी लाल सिंह गर्भवती हैं। हीरा देवी के पति दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। रविवार को दिन में उन्हें अचानक दर्द हुआ। ग्राम प्रधान पूरन सिंह रावत ने आपात चिकित्सा सेवा 108 को फोन किया, लेकिन उन्हें टायर ठीक नहीं होने की बात कहते हुए चंपावत की 108 सेवा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया। लोहाघाट की 108 आपात सेवा की ओर से 20 किलोमीटर से अधिक दूर पर नहीं जाने की बात कहते हुए आने से मना कर दिया गया।
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थक-हार कर दर्द से कराह रही महिला को प्रधान ने अपनी जीप से 20 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंचाया। पति के यहां नहीं होने से महिला के साथ उसकी सास केशरी देवी और मां आई। दोनों महिलाओं ने आपात सेवा के इस रवैये को गरीबों के साथ छलावा बताया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी ने बताया कि गर्भवती को भर्ती कर दिया गया है।


कोट 
चंपावत की आपात चिकित्सा सेवा 108 के टायरों की स्थिति ठीक नहीं है। और इस बीच स्टैपनी के साथ ही एक अन्य टायर भी पंक्चर हो गया। टायरों की खराब हालत के चलते आपात सेवा को सड़क ठीक होने पर 10 किमी के दायरे में ही भेजा जा रहा है। 20 किमी दूरी वाले सल्ली गांव को जाने वाली सड़क की हालत भी ठीक नहीं थी। इस कारण 108 सेवा नहीं भेजी गई। -हिम्मत चंद, जिला समन्वयक, 108 सेवा, चंपावत।
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चंपावत, पाटी, लोहाघाट की 108 के पहिये जाम
चंपावत। इमरजेंसी मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (ईएमआरआई) की ओर से संचालित 108 सेवा मरीजों के लिए कभी वरदान थी, लेकिन अब ये सेवा लोगों के लिए मददगार नहीं रह गई है। इन दिनों जिले की आपात सेवा 108 के पहिये जाम हैं। 108 सेवा के जिला समन्वयक हिम्मत चंद का कहना है कि चंपावत, पाटी और लोहाघाट की 108 सेवा के टायरों के हाल बेहद खराब है। तीनों जगह दो-दो टायरों की मांग की गई है। टायर नहीं मिलने से काम चलाना मुश्किल हो रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। वहीं जिले की सभी पांचों 108 सेवा वाहन में तैनात 20 कर्मियों को जून महीने से वेतन भी नहीं मिला है।
 
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