चंपावत जिले में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चल्थी घाटी क्षेत्र। संवाद
चंपावत। बारिश और बर्फबारी न होने का असर पर्यटन पर भी पड़ा है। चंपावत की खूबसूरती का दीदार करने वाले सैलानियों की संख्या में कमी आ रही है। हालांकि इस वर्ष जनवरी में यहां 14310 देशी पर्यटक पहुंचे। इनमें 15 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।
चंपावत में प्रतिवर्ष सैकड़ों पर्यटक भ्रमण करने के लिए आते हैं। पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार बर्फबारी न होने का असर पर्यटन पर पड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पर्यटक मुनस्यारी, धारचूला और पिथौरागढ़ जाते हैं, वहां से चंपावत भी आते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यहां के होटलों में बेहतर सुविधाएं मिलने लगे और पर्यटक स्थलों का विकास हो तो पर्यटन में चार चांद लग सकते हैं।
कोट
जिले के धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में सभी पर्यटक आवास गृहों की मरम्मत चल रही है। जल्द ही मरम्मत के कार्य पूरे होंगे और पर्यटकों की आमद में वृद्धि होगी।
-अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।
वर्षवार पर्यटकों की संख्या
-पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 में 1.88 लाख से अधिक देशी और 213 विदेशी पर्यटक यहां आए।
-वर्ष 2020-21 में देशी पर्यटकों की संख्या 2.10 लाख से अधिक रही जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 191 रही।
-वर्ष 2021-22 में 47 हजार से अधिक देशी पहुंचे।
-कोरोना के बीच वर्ष 2022 में पर्यटकों की आमद कम रही।