विधायक हेमेश खर्कवाल की पहल पर मंजूर हुई डांडा-ककनई विद्युतीकरण योजना की कछुआ गति से लोगों में गुस्सा है। एक साल का समय बीतने पर भी विभाग ने लाइन बिछाना तो दूर, लाइन का सामान तक कार्य स्थल में नहीं पहुंचाया है। जनप्रतिनिधियों ने जल्द लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्षेत्रीय विधायक ने डांडा-ककनई गांवों को रोशन करने के लिए बीएडीपी (बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्लान) मद से विद्युतीकरण की योजना मंजूर कराई। तब ग्रामीण खुश थे कि 2015 तक गांव में बिजली पहुंचाने का वायदा मिला है, लेकिन उनकी उम्मीद पर काम की सुस्त गति ने पानी फेरने का काम किया है। करीब 72 लाख रुपये की लागत से दस किमी लाइन बिछाकर गांव तक बिजली पहुंचाई जानी है। बिजली की सप्लाई पाटी ब्लाक के टांण गांव से जुड़नी है। एक साल पहले ही कार्य स्थल में लाइन बिछाने का सामान पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो अब भी पूरा नहीं हो पाया है।
तल्लापाल विलौन संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं बीडीसी के पूर्व सदस्य जगदीश चंद्र परगांई, डांडा मल्ला की ग्राम प्रधान खष्टी देवी और ककनई के प्रधान मोहन सिंह ने बताया कि विभाग ने गत वर्ष फरवरी से बिजली के पोल पहुंचाने शुरू कर दिए थे। जगह-जगह पोल पड़े हैं, लेकिन लाइन बिछाने का काम अब तक शुरू नहीं किया है। उनका कहना है कि विभाग को योजना का बजट मिल चुका है फिर लाइन बिछाने में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा है कि शीघ्र लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन की राह पकड़ने को बाध्य होंगे।
डांडा-ककनई विद्युतीकरण का काम चल रहा है। लाइन लंबी है और बहुत सामान कार्य स्थल पर पहुंचाया जाना है। जल्द ही सामान की आपूर्ति पूरी कर लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। -बीएम भट्ट, एसडीओ, विद्युत उप खंड टनकपुर।