सहकारी बैंकों में आज से नकदी का संकट
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नवंबर खत्म होने के साथ ही शिक्षक और सरकारी कर्मियों का वेतन को लेकर संकट पैदा हो गया है। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) में जिलेभर में 1800 से अधिक शिक्षक और अन्य सरकारी कार्मिकों के खाते हैं, लेकिन नगदी के संकट की वजह से इन कार्मिकों को सहकारी बैंक धन देने में असमर्थ है।
बृहस्पतिवार से बैंक को नगदी का संकट भी बढ़ने का अंदेशा है। भारतीय स्टेट बैंक ने बृहस्पतिवार से बैंक को नगदी देने से असमर्थता जताई है।
पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की चंपावत शाखा के प्रबंधक गजेंद्र राणा ने बताया कि बैंक के पास नगदी का संकट गहरा गया है। बैंक ने बुधवार को जिले की 8 शाखाओं के लिए 50 लाख रुपए मांगे, मगर उसे मात्र 10 लाख रुपए मिले। साथ ही कैश की कमी के मद्देनजर बृहस्पतिवार से एसबीआई ने बैंक को रकम देने से मना कर दिया है। इस वजह से अब डीसीबी से वेतन की राशि निकालने के लिए भी दुश्वारी आएगी।
बैंक प्रबंधन का कहना है कि सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से बैंक से एक बार धनराशि निकालने के बाद दोबारा रकम नहीं निकल पा रही है। इस खामी की जानकारी मुख्यालय को दी गई है। 9 नवंबर के बाद से बैंक को दो करोड़ रुपए मिले। ये रकम खातेदारों द्वारा निकाली जा चुकी है।बैंक की चंपावत शाखा को ही हर रोज 30 लाख रुपये की जरूरत है, मगर मिल नहीं रहा है।
वहीं एसबीआई में 1500 से अधिक अधिकारी-कार्मिकों के शाखा में खाते हैं। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक एचएस पांगती का कहना है कि आरबीआई की नियमावली के मुताबिक कर्मी भी बैंकों से सप्ताह में अधिकतम 24 हजार रुपये ही निकाल सकेंगे।