तिब्बत सीमा तक सड़क के काम में तेजी
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सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने तिब्बत सीमा तक सड़क बनाने के काम को तेज कर दिया है। बीआरओ ने गुंजी से लिपुलेख तक तथा गुंजी से कुटी तक मार्ग का निर्माण लगभग पूरा कर लिया है। बीआरओ के कमांडिंग ऑफिसर मेजर मनीष नारायण ने बताया कि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में गुंजी से नाभीढांग तक 9 किमी सड़क बनकर तैयार है। गुंजी से छियालेख तक 14 किमी सड़क भी तैयार कर ली गई है। इसमें अंतिम चरण का फिनिशिंग का कार्य होना शेष है।
छियालेख से बूंदी तक 4 किमी सड़क पर तेजी से काम चल रहा है। बूंदी से लखनपुर तक 14 किमी सड़क निर्माण के लिए भी अलग से मजदूर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि छोटा कैलास यात्रा मार्ग पर गुंजी-कुटी मार्ग में नंफा तक 13 किमी सड़क बनकर तैयार है तथा नंफा से कुटी 5 किमी और कुटी से छोटा कैलास (ज्योलिंगकांग) तक 12 किमी सड़क के निर्माण का काम भी चल रहा है।
उन्होंने बताया कि सभी जरूरी निर्माण सामग्रियों को हेलीकॉप्टर और घोड़े-खच्चरों से पहुंचाया जा रहा है।
बीआरओ के गुंजी के इंचार्ज सहायक अधिशासी अभियंता पुष्पित भार्गव ने बताया कि नाभीढांग में लिपुगाड़ के पास 160 फीट लंबा पुल, न्हैयर नाले पर 180 फीट लंबा और नंफा नाले पर 60 फीट लंबा पुल सितंबर के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि, जिला पंचायत सदस्य मंजुला बुदियाल कहती हैं कि अभी भी लखनपुर से बूंदी तक सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं हुई है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र कब तक मोटर मार्ग से जुड़ेंगे कहा नहीं जा सकता। उन्होंने भी माना है कि विगत 2 वर्षों से बीआरओ ने निर्माण कार्य में काफी तेजी दिखाई है।
गुंजी से आसपास के इलाकों में सीमा सड़क संगठन और आईटीबीपी के मोटर वाहन चलने से चहल पहल काफी बढ़ गई है। क्षेत्र के पद्मश्री सम्मान प्राप्त मोहन गुंज्याल बताते हैं कि सीमा सड़क संगठन के वाहनों से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिल रही है तथा बुजुर्गों और महिलाओं को सीमा सड़क संगठन के वाहन चालक आवाजाही में काफी मदद पहुंचा रहेे हैं। पिछले दिनों हुए रं कल्याण संस्था के एजीएम में भी सीमा सड़क संगठन ने काफी सहयोग किया।