टनकपुर (चंपावत)। सीमा पार नेपाल से शारदा पार कर चोर रास्ते से भारतीय सीमा में आना तीन नेपाली युवकों के लिए जान का खतरा बन गया। शारदा के अचानक उफान पर आने से तीनों युवक घंटों तक टापू में फंसे रहे और भगवान को याद कर जान बचने की मन्नत मांगते रहे। देर शाम उनके शारदा टापू में फंसे होने का पता चलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में रेस्क्यू अभियान शुरू कर तीन घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित निकाला जा सका। इन तीनों युवकों को रात में ही नेपाल पुलिस के सुपूर्द कर दिया गया।
कोरोना संक्रमण के चलते नेपाल सरकार ने भारत से लगी सीमा सील की हुई है, लेकिन भारत सरकार की ओर से सीमा सील नहीं है। नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले नेपाली नागरिक कोविड सुरक्षा के नियमों का पालन करते हुए ही भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। बावजूद कई नेपाली नागरिक कोविड सुरक्षा के नियमों को ताक में रखकर टनकपुर से बनबसा तक लगी सीमा के चोर रास्तों से शारदा पार कर भारत आ-जा रहे हैं। गत शुक्रवार को ऐसे ही भारत आए तीन नेपाली युवक अचानक उफनाई शारदा के टापू में फंस गए। सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, सीओ अविनाश वर्मा, बनबसा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मवीर सोलंकी, टनकपुर थाना प्रभारी जसवंत सिंह चौहान, मनिहारगोठ चौकी प्रभारी तेज कुमार की देखरेख में पुलिस, एसएसबी और प्रशासन की टीम ने किसी तरह रेस्क्यू कर तीनों युवकों की जान बचाई। सीओ ने बताया कि फंसे युवकों में गड्डा चौकी नेपाल निवासी राजेंद्र टम्टा (28), राम टम्टा (25) और परमा तिरवा (35) शामिल थे। जिन्हें नेपाल पुलिस और एपीएफ को बुलाकर उनके सुपूर्द किया गया।
रेस्क्यू टीम में ये थे शामिल
शारदा के उफान में फंसे नेपाली युवकों को रेस्क्यू कर बचाने वाली टीम में जल पुलिस के जवान प्रताप गड़िया, रवींद्र कुमार उर्फ पहलवान, गगन कुमार, पीएसी जवान अनिल कुमार, अमित कुमार, राफ्ट राइडर मौनी बाबा, अग्निशमन विभाग के श्याम सिंह, जगमोहन पाल, जगदीश सामंत, अमरदीप राणा, अशोक सिंह, राजेंद्र भंडारी, कांस्टेबल जीवन लाल, कुलदीप सिंह, गौरव शाह, हरीश नाथ, रितेश बोहरा शामिल थे।
टनकपुर में भी उफनाए नदी, नालों ने रोकी राह
पहाड़ जाने वाले वाहन टनकपुर में रोके, यात्रियों ने ली होटलों में शरण
किरोड़ा और बाटनागाड़ नाले से बंद रहा पूर्णागिरि मार्ग
शारदा का पानी स्नानघाट के ऊपर तक पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। लगातार हो रही बारिश से नदी, नाले उफान पर आ गए हैं। नदी, नालों के उफान से फिलहाल क्षेत्र में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन पहाड़ की यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए बारिश आफत लेकर बरसी है। शारदा का जल स्तर पौने दो लाख क्यूसेक से अधिक तक पहुंचा। वहीं पूर्णागिरि मार्ग के किरोड़ा और बाटनागाड़ नाले के भी उफान पर आने से टनकपुर-पूर्णागिरि के बीच यातायात बंद रहा।
टनकपुर-चंपावत बारहमासी सड़क जगह-जगह बंद होने से पहाड़ जाने वाले यात्री टनकपुर में ही फंसे हुए हैं। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने ककरालीगेट बैरियर डाउन कर पहाड़ जाने वाले वाहनों को रोक दिया। मार्ग खुलने की उम्मीद में यात्री घंटों तक ककरालीगेट बैरियर में प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन दोपहर तक मार्ग नहीं खुला तो उन्हें यहीं होटलों में ठहरना पड़ा है।
19 टीएनपी 05 पी से 07 पी तक।
जान जोखिम में डाल उफनाई शारदा से लकड़ी निकाल रहे लोग, रोकने वाला कोई नहीं
टनकपुर (चंपावत)। बारिश से उफान पर आई शारदा से लगातार बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन जन सुरक्षा को लेकर अलर्ट है। इसके बीच कुछ लोग नदी में बहती लकड़ी निकालने के लिए अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। शारदा का जल स्तर बढ़ने पर पर्वतीय क्षेत्र से बड़ी मात्रा में लकड़ी बहकर आती है। वर्षाकाल में बहती लकड़ी निकाल कर बेचना कुछ लोग अपनी आजीविका बना लेते हैं। शनिवार को भी शारदा उफान पर आई तो स्नानघाट में बहती लकड़ी निकालने वालों का तांता लग गया। बच्चे और महिलाएं अपनी जान को जोखिम में डालकर लंबे डंडे में कांटा बांधकर उससे लकड़ियां निकालते नजर आए, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोकने वाला कोई नहीं दिखा। जबकि स्नानघाट में जल पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात हैं। (संवाद)
फोटो 19 टीएनपी 08 पी।
बारिश से सड़क पर गिरा भारी-भरकम पेड़, अग्निशमन टीम ने हटाया
टनकपुर (चंपावत)। बारिश से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर ककरालीगेट और किरोड़ा पुल के बीच भारी-भरकम पेड़ अचानक सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि मार्ग बंद रहने से वाहन ककरालीगेट बैरियर से आगे नहीं गए, वरना हादसा हो सकता था। अग्निशमन विभाग की टीम ने पावर कटर और जेसीबी मशीन की मदद से पेड़ को सड़क से हटाया। एफएसओ वंशनारायण यादव ने बताया कि शनिवार की सुबह किरोड़ा पुल के पास एक पेड़ अचानक सड़क पर गिरा। सूचना मिलते ही विभाग की टीम फौरन मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में पेड़ को सड़क से हटाकर मार्ग खोल दिया। (संवाद)
फोटो 19 टीएनपी 02 व 03 पी।
पेड़ गिरने की झूठी सूचना दी, अब मोबाइल किया बंद
टनकपुर (चंपावत)। गत शुक्रवार की शाम किसी व्यक्ति ने आपदा कंट्रोल रूम को मनिहारगोठ में पेड़ गिरने से रास्ता बंद होने की झूठी सूचना देकर प्रशासन में हड़कंप मचा दी। छानबीन में सूचना झूठी निकली तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति ने अब अपना मोबाइल बंद दिया है।
नायब तहसीलदार पिंकी आर्या ने बताया कि मनिहारगोठ निवासी किसी असलम हुसैन ने मोबाइल नंबर 7055145186 से तहसील आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दी कि मनिहारगोठ में पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया है। राजस्व विभाग की टीम मनिहारगोठ पहुंची तो सूचना झूठी निकली। नायब तहसीलदार ने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति से संपर्क का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उसने मोबाइल बंद कर लिया है। झूठी सूचना पर कानूनी कार्रवाई के लिए सूचना देने वाले व्यक्ति का पता लगाया जा रहा है। (संवाद)
1.97 लाख क्यूसेक पहुंचा शारदा का जलस्तर
सुरक्षा के तहत बैराज पर रेडअलर्ट कर वाहनों के संचालन पर लगाई रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों में हुई वर्षा से यहां शारदा नदी का जलस्तर 1.97 लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया। बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने बैराज पर से वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी।
यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी बैराज अटेंडैंट जेई संजय सिंह ने बताया कि पहाड़ों में हुई वर्षा के बाद शुक्रवार रात नौ बजे बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़कर एक लाख क्यूसेक से अधिक हो गया। रात दस बजे नदी का जलस्तर 110466 क्यूसेक पहुंच गया। जो लगातार बढ़ता रहा। मध्यरात्रि 12 बजे नदी का जलस्तर 131834, एक बजे 139078, दो बजे 142546, प्रात: पांच बजे 155878, छह बजे 170814, सात बजे 174270, 10 बजे 178456, 12 बजे 191950 क्यूसेक हो गया। दोपहर दो बजे सर्वाधिक 1.97 लाख और चार बजे 1.92 लाख क्यूसेक रह गया।
फोटो 19 टीएलनपीबीएनबी 01,02 पी।
डबल इनसेट:-
पावर चैनल और शारदा नहर में रोकी जलापूर्ति
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी की पावर चैनल और शारदा नहर बनबसा की जलापूर्ति रोक दी गई। सुरक्षा के तहत मलबे के जमाव को रोकने के लिए शारदा नहर, पावर चैनल में पानी का छोड़ा जाना रोका जाता है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि नदी के पानी का पीपीएम (पार्ट पर मिनट) 13800 पहुंच गया। नदी का पीपीएम 10 हजार से अधिक होने पर नहर में पानी सप्लाई रोकनी पड़ती है। (संवाद)
गंदे पानी से रुका पनबिजली का उत्पादन
बनबसा (चंपावत)। एनएचपीसी की पावर चैनल और बनबसा शारदा नहर में पानी की सप्लाई बंद होने से एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन और यूपीसीएल के लोहियाहेड पावर हाउस का विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। बताया गया है कि नदी में साफ पानी आने के बाद ही पावर चैनल व शारदा नहर में पानी छोड़ा जाऐगा, जिसके बाद ही क्षेत्र के दोनों पावर हाउस फिर से बिजली बनाने लगेंगे। (संवाद)